सात साल बाद भारत पहुंचे चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, पीएम मोदी से मुलाकात में LAC, व्यापार और रिश्तों पर होगी बड़ी चर्चा
सात साल बाद भारत पहुंचे चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, पीएम मोदी से मुलाकात में LAC, व्यापार और रिश्तों पर होगी बड़ी चर्चा

12 Sep 2026 |   29



 

नई दिल्ली।चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग शनिवार को दो दिवसीय भारत दौरे पर नई दिल्ली पहुंचे।शी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए भारत आए हैं।सात साल बाद उनकी यह भारत यात्रा दोनों देशों के रिश्तों को फिर से बेहतर दिशा देने के लिहाज से अहम मानी जा रही है।

दिल्ली एयरपोर्ट पर केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का स्वागत किया।इस दौरान सांस्कृतिक कलाकारों ने पारंपरिक नृत्य पेश कर शी का स्वागत किया।शी के साथ चीन सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों और बड़े कारोबारी नेताओं का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार शाम 6 बजे शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे।इस बैठक में दोनों नेता भारत-चीन संबंधों की मौजूदा स्थिति पर चर्चा कर सकते हैं।

पीएम मोदी और शी जिनपिंग की बातचीत में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) पर हालात की समीक्षा हो सकती है।भारत और चीन सीमा पर शांति बनाए रखने और रिश्तों को सामान्य करने के आगे के तरीकों पर भी पीएम मोदी और शी जिनपिंग चर्चा कर सकते हैं।इसके साथ ही व्यापार और निवेश के रिश्तों को बढ़ाने के मुद्दे पर भी बात होने की उम्मीद है।

भारत और चीन के रिश्ते 2020 में गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़पों के बाद काफी खराब हो गए थे।इसके बाद पूर्वी लद्दाख में चार साल से ज्यादा समय तक सैन्य गतिरोध बना रहा। पिछले एक साल में भारत और चीन ने भरोसा बढ़ाने और रिश्तों में सुधार की दिशा में कई कदम उठाए हैं।

शी जिनपिंग का भारत दौरा ऐसे समय हो रहा है,जब भारत और चीन के बीच कई स्तरों पर बातचीत हुई है।पिछले महीने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच बीजिंग में विशेष प्रतिनिधि स्तर की बातचीत हुई थी।इस बैठक में सीमा विवाद,सीमा निर्धारण, सीमा पार सहयोग और LAC पर शांति बनाए रखने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।

भारत और चीन के बीच सीमा वार्ता के लिए विशेष प्रतिनिधि तंत्र 2003 में बनाया गया था। इसका उद्देश्य करीब 3,488 किलोमीटर लंबी भारत-चीन सीमा से जुड़े विवाद का समाधान तलाशना है। डोभाल और वांग यी इसी तंत्र के तहत दोनों देशों के विशेष प्रतिनिधि हैं।

इससे पहले मोदी और शी जिनपिंग ने पिछले साल 31 अगस्त को चीन के तियानजिन शहर में SCO शिखर सम्मेलन के दौरान भी व्यापक बातचीत की थी।शी की मौजूदा यात्रा को भारत और चीन के बीच संबंधों को आगे बढ़ाने के एक और अहम मौके के तौर पर देखा जा रहा है।

More news