कच्चे तेल ने लगाया तेजी का चौका,6 हफ्ते में सबसे महंगा भाव,ब्रेंट क्रूड $95 के पार
कच्चे तेल ने लगाया तेजी का चौका,6 हफ्ते में सबसे महंगा भाव,ब्रेंट क्रूड $95 के पार

03 Sep 2026 |   8



 

नई दिल्ली।अमेरिका और ईरान में बढ़ते तनाव से कच्चे तेल में उबाल बरकरार है।इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड की कीमतों में लगातार चौथे ट्रेडिंग सेशन में उछाल देखने को मिल रहा। इससे ब्रेंट क्रूड 95 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है,जो लगभग 6 हफ्तों का सबसे ऊंचा स्तर भी है।साथ ही अमेरिकी बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट यानी WTI क्रूड भी 90 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया।

कच्चे तेल में उबाल,भाव 95 डॉलर के ऊपर

कच्चे तेल की कीमतों में पिछले ट्रेडिंग सेशन में लगभग 4.6 फीसदी की मजबूती दर्ज की गई थी। इंटरनेशनल मार्केट में मंगलवार को ब्रेंट क्रूड वायदा 4.16 डॉलर यानी 4.6 फीसदी उछलकर 94.65 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ था। इसके बाद एशियाई कारोबार में भाव 95 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया। WTI भी क्रूड मंगलवार को 4.46 डॉलर यानी 5.2 फीसदी बढ़कर 90.22 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ। ब्रेंट का बंद भाव 24 जुलाई और WTI का भाव 23 जुलाई के बाद सबसे ऊंचा रहा। बता दें कि महीनेभर में कच्चे तेल की कीमतों में 20 फीसदी से ज्यादा की तेजी देखने को मिल चुकी है। जबकि सालभर में भाव करीब 42 फीसदी बढ़े हैं।

क्यों महंगा हो रहा कच्चा तेल

केडिया कमोडिटीज के फाउंडर अजय केडिया ने कहा कि गुरुवार को कच्चे तेल का भाव 90 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बरकरार है।दरअसल निवेशक पश्चिम एशिया में दोबारा बढ़े तनाव और होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने की कोशिशों का आकलन कर रहे हैं।

नए हमलों का क्रूड सप्लाई पर कितना असर

अजय केडिया कहते हैं कि तनाव बढ़ने के बावजूद होर्मुज स्ट्रेट से रोजाना करीब 80 लाख बैरल कच्चे तेल की सप्लाई जारी रही।इससे फिलहाल तेल की सप्लाई में बड़ी रुकावट की चिंता कुछ सीमित रही। दूसरी ओर अमेरिका के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक बीते हफ्ते कच्चे तेल का भंडार 45 लाख बैरल घटा। यह जुलाई के आखिर के बाद पहला मौका है जब अमेरिकी कच्चे तेल के भंडार में कमी आई है। अमेरिकी भंडार में आई गिरावट से भी कच्चे तेल की कीमतों को सहारा मिला।

बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान पर किए जा रहे ताजा हमले ज्यादा लंबे समय तक नहीं चलेंगे। हालांकि ट्रंप ने यह भी साफ किया कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका आगे और हमले करने के लिए तैयार है।उधर ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए एरिया में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल से हमले किए।

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