ट्रंप की सनक ने 1 हफ्ते में डुबा दिए लोगों के 7 लाख करोड़, क्रूड फिर $100 की ओर भागा
ट्रंप की सनक ने 1 हफ्ते में डुबा दिए लोगों के 7 लाख करोड़, क्रूड फिर $100 की ओर भागा

03 Sep 2026 |   24



 

नई दिल्ली।ईरान और अमेरिका में चल रही जंग ने विश्व की टेंशन बढ़ा दी है।दोनों देशों में चल रही जंग अब और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई है।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार दावा कर रहे हैं कि ईरान तबाह हो गया है,लेकिन ईरान पीछे हटने को तैयार नहीं है।ईरान लगातार जवाबी हमले कर रहा हैं।इसी वजह से ट्रंप ने अब ईरान पर हमले और तेज कर दिए हैं। 1 सितंबर से अमेरिका ने अपनी रणनीति बदल दी है।अब ईरान के अलग-अलग इलाकों को निशाना बनाया जा रहा है।अमेरिका ने एक सितंबर दोपहर 12 बजे ईरान पर बड़ा हमला किया और लगभग 100 ठिकानों पर एक साथ हमला किया।ट्रंप ने कहा है कि सबसे बड़ा अटैक अभी बाकी है। अमेरिका ने ईरान के पोर्ट,ऑयल सिटी,स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और ईरान के मिसाइल और रडार सेंटर को टारगेट किया।एक साथ 100 ठिकानों पर हमले से ईरान में भारी तबाही हुई है।

अमेरिकी सेना ने लगातार दूसरे दिन ईरान पर हमला किया

अमेरिकी सेना ने लगातार दूसरे दिन दो सितंबर को ईरान पर हमला किया।सैकड़ों मिसाइलों के हमलों से ईरान के कई इलाकों में तबाही मच गई।अमेरिका के हमलों से ईरान के स्ट्रैटजिक ठिकानों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ।दक्षिणी ईरान के बंदर अब्बास पर हमला किया गया।यह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का बेहद सेंसेटिव पॉइंट है।फारस की खाड़ी में केशम आईलैंड को भी टारगेट किया गया,मीनाब और सिरिक में भी अमेरिका ने मिसाइलें बरसाईं,ओमान की खाड़ी के किनारे जास्क पर भी हमला किया गया।अमेरिका ने पाकिस्तान सीमा के पास तक हमले किए।कोणारक और चाबहार में भी मिसाइल हमला हुआ,एयर डिफेंस साइट और रडार सिस्टम को ध्वस्त किया गया,एंटी शिप क्रूज मिसाइल लॉन्चर और ड्रोन लॉन्चर साइट्स को भी तबाह किया गया।माइन बिछाने वाली जगहों और कम्युनिकेशन साइट को भी टारगेट किया गया।

अमेरिका के हमले के बाद ईरान ने किया पलटवार

अमेरिका ने ईरान पर सैकड़ों मिसाइलें बरसाईं तो ईरान ने भी पलटवार किया।ईरान ने अमेरिका और उसके सहयोगी देशों को अंजाम भुगतने की चेतावनी दी है। ईरान के IRGC ने कहा है कि अमेरिका पर अब तक का सबसे भयानक और तबाही मचाने वाला हमला किया जाएगा।अमेरिका की मदद करने वाले देशों और क्षेत्रीय सहयोगियों को भी इसका अंजाम भुगतने की चेतावनी दी गई।ईरान ने अमेरिका के हमलों के लगभग 4 घंटे बाद ही पलटवार कर दिया।ईरान ने खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमले किए।जॉर्डन,बहरीन और कुवैत में एक साथ दर्जनों बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं।
जॉर्डन ने ईरान की आधी से ज्यादा मिसाइलें इंटरसेप्ट कर लीं, हालांकि ईरान दावा कर रहा है कि जॉर्डन में अमेरिकी बेस पर हुए हमले में कई अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं। IRGC ने इस हमले का वीडियो भी जारी किया है,जिसमें कई मिसाइलें दिखाई दे रही हैं।ईरान की तरफ से इन्हें अल्लाह हू अकबर के नारे लगाते हुए जॉर्डन की ओर दागे जाने का दावा किया गया है।जॉर्डन के अलावा ईरान ने बहरीन और कुवैत पर भी मिसाइलें दागीं।इन इलाकों में अमेरिकी ठिकानों पर हमले की तस्वीरें ईरान ने जारी की हैं।कुवैत में लगातार सायरन बज रहे हैं और लोगों को सावधान रहने को कहा जा रहा है।

क्रूड की कीमतें 100 डॉलर की ओर बढ़ीं

ईरान और अमेरिका के बीच चल रही जंग का असर अब कच्चे तेल की कीमतों पर भी दिखाई दे रहा है।दोनों देशों के ताजा हमलों के बाद क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी आई है। WTI क्रूड ऑयल 81.48 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 90.48 डॉलर प्रति बैरल हो गया है।यानी WTI क्रूड की कीमत 1 हफ्ते में 9 डॉलर प्रति बैरल बढ़ गई है तो वहीं ब्रेंट क्रूड ऑयल 87.18 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 95.13 डॉलर प्रति बैरल हो गया है।यानी ब्रेंट क्रूड की कीमत में भी 1 हफ्ते में 8 डॉलर प्रति बैरल की बढ़ोतरी हुई है।

 शेयर बाजार में कोहराम

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ती जंग का असर शेयर बाजार पर भी दिखाई दिया है।कच्चे तेल की कीमत और युद्ध के फिर से भड़कने का असर भारतीय शेयर बाजार पर पड़ा और बाजार में गिरावट आई।सेंसेक्स में 373 अंकों यानी करीब 0.49 फीसदी की गिरावट हुई।वहीं निफ्टी में 141 अंकों यानी करीब 0.59 फीसदी की गिरावट आई।पिछले 1 हफ्ते में शेयर बाजार से करीब सवा 7 लाख करोड़ रुपये की मार्केट वेल्थ का नुकसान हुआ है। 26 अगस्त को BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैपिटलाइजेशन 493.82 लाख करोड़ था। 2 सितंबर को BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैपिटलाइजेशन घटकर 486.65 लाख करोड़ रह गय।यानी ईरान और अमेरिका के बीच जारी जंग का असर अब कच्चे तेल के साथ शेयर बाजार पर भी साफ दिखाई दे रहा है।

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