नई दिल्ली।ब्रिक्स देशों ने नई दिल्ली घोषणा में विश्व में बढ़ रहे एकतरफा व्यापारिक फैसलों पर गंभीर चिंता जताई है। समूह ने कहा कि टैरिफ और गैर-टैरिफ उपायों का ऐसा इस्तेमाल,जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रभावित होता है और जो विश्व व्यापार संगठन के नियमों के मुताबिक नहीं है,चिंता की बात है।ब्रिक्स देशों ने अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ उठाए जाने वाले एकतरफा दबाव वाले कदमों की भी निंदा की है।
घोषणा में विश्व के अलग-अलग हिस्सों में बढ़ रहे संघर्षों को रोकने और उनके पीछे की असली वजहों पर ध्यान देने की जरूरत बताई गई है।ब्रिक्स देशों ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय विवादों को बातचीत,आपसी सलाह और कूटनीति के जरिए शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाया जाना चाहिए।इस बात पर भी जोर दिया कि विश्व की बड़ी समस्याओं से निपटने के लिए ऐसी बहुपक्षीय व्यवस्था होनी चाहिए,जिसमें अलग-अलग देशों के विचारों और रुख का सम्मान किया जाए।
नई दिल्ली घोषणा में व्यापार से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। ब्रिक्स देशों ने कहा कि हाल के दिनों में एकतरफा टैरिफ और गैर-टैरिफ उपायों का इस्तेमाल बढ़ा है।खासकर ऐसे कदमों पर चिंता जताई गई,जो वैश्विक व्यापार को प्रभावित करते हैं और विश्व व्यापार संगठन के नियमों के मुताबिक नहीं हैं।
ब्रिक्स देशों ने उन एकतरफा दबाव वाले कदमों का भी विरोध किया,जो अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ हैं। ब्रिक्स देशों ने कहा कि विश्व की व्यापार व्यवस्था में सहयोग बढ़ाने और तय नियमों का सम्मान करने की जरूरत है।
संघर्षों को रोकने पर भी घोषणा में जोर दिया गया। ब्रिक्स देशों ने परमाणु खतरे और विश्व में बढ़ रहे संघर्षों के जोखिम को लेकर चिंता जताई।कहा कि अंतरराष्ट्रीय शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए सिर्फ संघर्ष शुरू होने के बाद कदम उठाना पर्याप्त नहीं है।इसके साथ ही संघर्षों को रोकने और उनकी मूल वजहों को दूर करने पर भी काम करना जरूरी है।
ब्रिक्स देशों ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय विवादों को बातचीत और कूटनीति के जरिए शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाया जाना चाहिए। ब्रिक्स देशों ने आपसी विचार-विमर्श को भी इस प्रक्रिया का अहम हिस्सा बताया। ब्रिक्स देशों ने कहा कि विश्व की बड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए ऐसी बहुपक्षीय व्यवस्था जरूरी है,जिसमें अलग-अलग देशों के नजरिए और अहम वैश्विक मुद्दों पर उनके रुख का सम्मान किया जाए।
आर्थिक सहयोग को लेकर भी ब्रिक्स देशों ने सीमा पार भुगतान को आसान बनाने की दिशा में बातचीत जारी रखने का समर्थन किया।कहा कि ब्रिक्स देशों के बीच क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट से जुड़ी व्यावहारिक दिक्कतों का समाधान निकालने के लिए चर्चा को आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
बता दें कि नई दिल्ली घोषणा में ब्रिक्स देशों ने व्यापार, आर्थिक सहयोग,संघर्ष रोकने,कूटनीति और बहुपक्षीय व्यवस्था जैसे अहम मुद्दों पर अपना साझा रुख सामने रखा।