नई दिल्ली।अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रहे सैन्य संघर्ष को ज्यादा बड़ा मुद्दा नहीं बताया है।ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने इस संघर्ष को अमेरिका के लिए छोटी बात करार दिया।ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है,जब इस संघर्ष में अमेरिका के 18 सैनिकों की मौत हो चुकी है और खर्च 37.5 अरब डॉलर से ज्यादा पहुंच गया है।
ट्रंप से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के उस बयान को लेकर सवाल पूछा गया था,जिसमें उन्होंने एक दिन पहले ईरान के साथ जारी लड़ाई को युद्ध कहने से इनकार किया था।ट्रंप ने वेंस के बयान का बचाव करते हुए कहा कि वह उनकी बात समझ सकते हैं। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका की ओर से ईरान पर किए जा रहे हमले अब रुक-रुक कर हो रहे हैं और वह इसे सैन्य संघर्ष कहते हैं।ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के लिए यह कोई बड़ा संघर्ष नहीं है।ट्रंप ने इसे छोटी बात बताते हुए इसकी तुलना दूसरे अमेरिकी सैन्य अभियानों से की।
वेंस ने क्यों नहीं माना इसे युद्ध
गुरुवार को व्हाइट हाउस की प्रेस ब्रीफिंग में वेंस से पूछा गया था कि क्या ईरान के साथ चल रहा संघर्ष नवंबर में होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनाव से पहले खत्म हो सकता है। इसके जवाब में वेंस ने संघर्ष को युद्ध कहने से ही इनकार कर दिया।वेंस ने कहा था कि वह इसे युद्ध नहीं कहेंगे और उस समय कोई सक्रिय गोलीबारी नहीं हो रही है।हालांकि वेंस के इस बयान के वक्त घटनाक्रम पूरी तरह शांत नहीं था।उसी दिन ईरान ने अमेरिका के खाड़ी सहयोगी देश कुवैत पर हमला किया था।ईरान की ओर से यह कार्रवाई उन अमेरिकी हमलों के जवाब में की गई थी,जो सप्ताह की शुरुआत में ईरान पर किए गए थे।वेंस ने यह भी साफ नहीं किया कि छह महीने से चल रहा यह संघर्ष 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनाव से पहले खत्म हो जाएगा या नहीं। इन चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी अमेरिकी कांग्रेस में अपनी बेहद मामूली बहुमत वाली स्थिति बनाए रखने की कोशिश करेगी।
18 अमेरिकी सैनिकों की हो चुकी है मौत
ईरान के खिलाफ संघर्ष 28 फरवरी को शुरू हुआ था। अमेरिका और इजरायल ने अब तक ईरान पर हवाई हमले किए हैं।अमेरिका ने ईरान के भीतर जमीनी सैनिक तैनात नहीं किए हैं। इसके बावजूद संघर्ष में अब तक 18 अमेरिकी सैन्यकर्मी मारे गए हैं।
ट्रंप ने शुक्रवार को अमेरिका के हताहतों की संख्या को दूसरे हालिया अमेरिकी युद्धों की तुलना में कम बताया। ट्रंप ने जनवरी में वेनेजुएला में किए गए अमेरिकी सैन्य अभियान का भी जिक्र किया।ट्रंप ने कहा कि उस अभियान में अमेरिका ने किसी को नहीं खोया था।उस कार्रवाई में अमेरिका ने वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़कर न्यूयॉर्क लाया था, जहां उन्हें मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े आरोपों का सामना करना है।