भारत-अमेरिका ट्रेड डील लगभग तय,ग्लोबल फिनटेक फेस्ट में वाणिज्य सचिव ने दी जानकारी
भारत-अमेरिका ट्रेड डील लगभग तय,ग्लोबल फिनटेक फेस्ट में वाणिज्य सचिव ने दी जानकारी

09 Sep 2026 |   22



 

नई दिल्ली।भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता लगभग तय हो चुका है और कुछ मुद्दों पर दोनों देशों के बीच बातचीत अभी जारी है।वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने बुधवार को ग्लोबल फिनटेक फेस्ट में इसकी जानकारी दी। अग्रवाल ने कहा कि बाकी चर्चा पूरी होने के बाद उचित समय पर समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।

भारत अमेरिका ट्रेड डील लगभग तय

वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता कमोबेश अंतिम रूप ले चुका है।दोनों देशों के बीच कुछ मुद्दों पर अभी बातचीत जारी है।ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 में बोलते हुए अग्रवाल ने कहा कि बाकी बातचीत पूरी होने के बाद उचित समय पर समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।अग्रवाल ने कहा कि किसी भी व्यापार समझौते के तहत दोनों पक्षों को एक-दूसरे के बाजारों में कुछ स्तर तक तरजीही पहुंच देनी होती है।अग्रवाल ने कहा कि भारत की तरफ से यह प्रक्रिया आसान है,क्योंकि देश सबसे पसंदीदा राष्ट्र शुल्क व्यवस्था के तहत काम करता है।अमेरिका की तरफ से उन्होंने कहा कि वहां कार्यकारी शुल्क व्यवस्था लागू है और भारत के लिए अलग और तरजीही बाजार पहुंच देने वाली व्यवस्था तैयार की जा रही है।

भारत और अमेरिका के कारोबार में बढ़ोतरी

राजेश अग्रवाल ने कहा कि दोनों देशों के कारोबारी बड़े स्तर पर कारोबार कर रहे हैं और दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ रहा है। अग्रवाल ने कहा कि दोनों देशों के कारोबारी दोनों सरकारों के बीच बनी कुल समझ को लेकर खुश हैं।

बढ़ी माल ढुलाई लागत चिंता बनी

बढ़ी हुई माल ढुलाई लागत को लेकर राजेश अग्रवाल ने कहा कि यह मुद्दा अभी चिंता का विषय है।हालांकि अधिक लागत के बावजूद दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ता रहा है।पहले चार महीनों में भारत का निर्यात 15 प्रतिशत से अधिक बढ़ा है। इससे पता चलता है कि माल ढुलाई लागत का असर पहले जताई गई आशंका जितना बड़ा नहीं रहा है। अग्रवाल ने कहा कि सरकार इस मुद्दे को दूर करने के लिए निर्यातकों के साथ काम कर रही है।

जहाज और कंटेनर उपलब्ध कराने पर जोर

राजेश अग्रवाल ने कहा कि सरकार का पहला उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि निर्यातकों को पर्याप्त संख्या में जहाज और कंटेनर मिलें,ताकि उनका माल अटका न रहे।दूसरा उद्देश्य यह है कि माल ढुलाई की लागत प्रतिस्पर्धी बनी रहे और माल को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचने में कम से कम समय लगे। अग्रवाल ने कहा कि इस दिशा में प्रयास जारी हैं और सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।सरकार जहाजों के समय और उनके संचालन से जुड़ी व्यवस्था पर भी काम कर रही है।

ब्रिटेन के साथ कार्बन शुल्क पर राहत की उम्मीद

ब्रिटेन के साथ कार्बन उत्सर्जन से जुड़े मुद्दे पर राजेश अग्रवाल ने कहा कि यह एक बहुत अच्छा घटनाक्रम है कि ब्रिटेन ने भारत की कार्बन क्रेडिट ट्रेडिंग योजना को समझा है।ब्रिटेन इस बात पर सहमत हुआ है कि भारत की इस योजना के तहत चुकाया गया शुल्क या कार्बन मूल्य मान्यता प्राप्त करेगा।
अग्रवाल ने कहा कि भारत कई महीनों और वर्षों से यह मुद्दा उठाता रहा है।भारत का कहना रहा है कि अगर किसी कंपनी ने जिस अर्थव्यवस्था में सामान तैयार किया गया है, वहां अपने कार्बन उत्सर्जन के लिए पहले ही भुगतान कर दिया है, तो उससे सामान के गंतव्य देश में उसी कर का दोबारा भुगतान नहीं कराया जाना चाहिए।

भारत-चिली व्यापार समझौता अंतिम चरण में

राजेश अग्रवाल ने कहा कि भारत और चिली के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत भी अच्छी तरह आगे बढ़ रही है और अंतिम चरण में है।अग्रवाल ने कहा कि कुछ ऐसे क्षेत्र हैं,जिन पर फिलहाल बातचीत अटकी हुई है। सरकार को अगले दो से तीन महीनों में इस मामले में कुछ प्रगति होने की उम्मीद है।

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