आईजीआई एयरपोर्ट पर 2030 तक शुरू होगा ऑटोमेटेड पैसेंजर मूवर,एक साथ जुड़ जाएंगे T-1, T-2, T-3 और मेट्रो स्टेशन
आईजीआई एयरपोर्ट पर 2030 तक शुरू होगा ऑटोमेटेड पैसेंजर मूवर,एक साथ जुड़ जाएंगे T-1, T-2, T-3 और मेट्रो स्टेशन

07 Oct 2026 |   25



 

 
नई दिल्ली।राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय  हवाई अड्डे पर सभी टर्मिनल के बीच यात्रियों की सुविधाजनक आवाजाही और हवाई अड्डे के आसपास ट्रैफिक का दबाव कम करने के लिए एक ऑटोमेटेड पैसेंजर मूवर स्थापित किया जाएगा।इसकी साल 2030 तक शुरू होने की उम्मीद है। इस सिस्टम पर करीब 3500 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।

क्या होता है एपीएम

बता दें कि प्रस्तावित ऑटोमेटेड पैसेंजर मूवर हवाई अड्डे के लिए 2036 तक के 10-वर्षीय मास्टर प्लान का ही एक हिस्सा है।ऑटोमेटेड पैसेंजर मूवर(एपीएम)एक ड्राइवरलेस ट्रांसपोर्ट सिस्टम होता है, जो यात्रियों को हवाई अड्डे के एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक ले जाता है। इसके शुरू होने के पहले साल में रोजाना करीब 55,000 यात्रियों के इसके इस्तेमाल करने का अनुमान है। 

एक साथ जुड़ेंगे तीनों टर्मिनल और मेट्रो स्टेशन

 7.3 किलोमीटर लंबे ऑटोमेटेड पैसेंजर मूवर में 6 स्टेशन होंगे और टर्मिनल-1 से टर्मिनल-3 के बीच यात्रा में करीब 13 मिनट लगेंगे। ये सिस्टम टर्मिनल-1, टर्मिनल-2 और टर्मिनल-3 के अलावा कार्गो टर्मिनल और एयरोसिटी को भी जोड़ेगा। इसके एक स्टेशन से दिल्ली मेट्रो की लाइन को भी जोड़ा जाएगा। वर्तमान में दिल्ली हवाई अड्डे के तीनों टर्मिनल की कुल सालाना यात्री क्षमता 10.6 करोड़ है। 

दिल्ली हवाई अड्डे के तीनों टर्मिनल की कुल सालाना क्षमता का होगा विस्तार

DIAL के 10-वर्षीय मास्टर प्लान के तहत इसे बढ़ाकर 12.5 करोड़ किया जाएगा। इसमें 8.60 करोड़ घरेलू और 3.90 करोड़ अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की क्षमता होगी। ये क्षमता 12.9 करोड़ तक भी जा सकती है। फिलहाल टर्मिनल-1 की सालाना यात्री क्षमता 4.2 करोड़, टर्मिनल-2 की 1.4 करोड़ और टर्मिनल-3 की 5 करोड़ है। टर्मिनल-3 में 1.9 करोड़ घरेलू और 3.1 करोड़ अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की क्षमता है। 

अभी सड़क से टर्मिनल-3 से टर्मिनल-1 तक की यात्रा करते हैं यात्री

वर्तमान में टर्मिनल-2 और टर्मिनल-3 एक-दूसरे के करीब हैं, जबकि टर्मिनल-1 कुछ किलोमीटर दूर है। ऐसे में टर्मिनल-3 पर उतरने वाले और टर्मिनल-1 से फ्लाइट लेने वाले यात्रियों को फिलहाल सड़क से दोनों टर्मिनल के बीच आना-जाना पड़ता है। DIAL टर्मिनल-3 से टर्मिनल-1 के बीच बस के जरिए यात्रियों के हवाई अड्डे के प्रतिबंधित क्षेत्र के अंदर स्थानांतरण की अनुमति के लिए संबंधित अधिकारियों के फैसले का इंतजार कर रही है। 

गैर-यात्रियों से किराया वसूलने पर नहीं हुआ फैसला

ऑटोमेटेड पैसेंजर मूवर के इस्तेमाल के लिए गैर-यात्रियों से किराया लिया जाएगा या नहीं, इस पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है। टर्मिनल-3 पर अप्रैल, 2030 तक एक नया पियर-ई भी बनाया जाएगा। पियर हवाई अड्डे की मुख्य टर्मिनल बिल्डिंग से जुड़ी लंबी संरचना होती है, जहां से यात्री एयरोब्रिज के जरिये विमान तक पहुंचते हैं।

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