नई दिल्ली।दिल्ली विधानसभा परिसर में लगातार घुसने वाले बंदरों की समस्या से निपटने के लिए लंगूर की आवाज की नकल करने वाले लोगों को नियुक्त करने की योजना बना रही है।अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि विधानसभा परिसर के आसपास दर्जनों बंदर मौजूद हैं,जो परेशानी पैदा करते हैं। तारों और डिश एंटीना पर कूदते हैं और उन्हें तोड़ देते हैं।विधानसभा परिसर में बंदरों के बार-बार घुसने की घटनाओं के मद्देनजर यह कदम उठाया गया है, जिससे विधायकों, कर्मचारियों और आने वाले लोगों की सुरक्षा को खतरा पैदा हो रहा है।
अधिकारी ने बताया कि लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने लंगूर की आवाज की नकल करने में सक्षम प्रशिक्षित कर्मियों की तैनाती के लिए टेंडर जारी किया है।यह बंदरों को बिना नुकसान पहुंचाए डराने का एक प्रभावी और मानवीय तरीका माना जाता है।विशेषज्ञ बंदरों को डराने के लिए एक लंगूर भी लाएंगे।
अधिकारी ने बताया कि लंगूर के पुतले लगाने की भी योजना थी,लेकिन हमने देखा है कि बंदर अब उनसे डरते नहीं हैं। बल्कि वे उन पुतलों के ऊपर बैठ जाते हैं।अधिकारी ने बताया कि उनके पास लंगूर की नकल करने वाले लोग थे,लेकिन उनका कांट्रेक्ट खत्म हो गया। लंगूरों की आवाजों की नकल करने में सक्षम प्रशिक्षित लोगों को नियुक्त करने के लिए एक नया टेंडर जारी किया गया है।
अधिकारी ने बताया कि वे वर्किंग डे और शनिवार को प्रशिक्षित कर्मियों को तैनात करने की योजना बना रहे हैं, जिनमें से प्रत्येक 8 घंटे की शिफ्ट में काम करेगा। एक अधिकारी ने बताया कि एजेंसी संचालन के दौरान उचित उपकरण,अनुशासन और सुरक्षा मानदंडों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए भी जिम्मेदार होगी।
अधिकारी ने आगे बताया कि तैनात कर्मियों के लिए प्रदर्शन-आधारित निगरानी और बीमा कवरेज की व्यवस्था होगी। 2017 में एक बंदर सदन में घुस गया था और सरकारी स्कूलों में अतिथि शिक्षकों पर चल रही चर्चा को बाधित कर दिया था।