हमीरपुर में पुराने दौर वाली शादी,न डीजे,न डांस,बैलगाड़ी में विदा होकर ससुराल पहुंची दुल्हन
हमीरपुर में पुराने दौर वाली शादी,न डीजे,न डांस,बैलगाड़ी में विदा होकर ससुराल पहुंची दुल्हन

09 Mar 2026 |   33



 

हमीरपुर।उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के मुस्करा कस्बे में शनिवार रात एक अनोखी बारात जिले में चर्चा का विषय बन गई।आधुनिक दौर में जहां शादियों में लग्जरी कारों और बैंड-बाजे का इस्तेमाल होता है,इस शादी में पारंपरिक अंदाज देखने को मिला।सजी-धजी बैलगाड़ियों के साथ निकली बारात को देखने के लिए लोग रास्ते में रुककर देखते हुए दिखाई दिए।इतना ही नहीं रविवार सुबह दुल्हन की विदाई भी बैलगाड़ी में हुई,जिससे ये शादी खास बन गयी।

चर्चा में हमीरपुर की शादी

मुस्करा क्षेत्र की ग्राम पंचायत शिवनी डेरा के किसान मंगल सिंह यादव के बेटे बालेंद्र कुमार की शादी सरीला तहसील के पहरा गांव के राजू की बेटी पूनम के साथ तय हुई थी।शनिवार की रात दोनों की शादी पूरे रीति-रिवाज और पारंपरिक रस्मों के साथ संपन्न हुई।हालांकि इस शादी की सबसे खास बात बारात का अनोखा अंदाज रहा,जो पूरे क्षेत्र का ध्यान अपनी तरफ खींच लिया।

सजी-धजी बैलगाड़ियों से आई बारात

बारात जब मुस्करा कस्बे के आरआर गार्डन पहुंची तो वहां सजी-धजी बैलगाड़ियों की कतार देखकर लोग हैरान रह गए। बैलगाड़ियों को सजाया गया था।बैलों को लाल रंग के झूल पहनाए गए थे और बैलगाड़ी के ऊपर छाता लगाया गया था। बैलों के गले में बंधी घंटियों की मधुर आवाज़ और उनकी झूमती चाल ने माहौल को और भी आकर्षक बना दिया। बारात के गार्डन पहुंचते ही आसपास के लोग,रिश्तेदार और रास्ते में लोग इस अनोखी बारात को देखने के लिए रुक गए।
कई लोगों ने अपने मोबाइल फोन से फोटो और वीडियो भी बनाए। खासकर बुजुर्गों ने इस दृश्य को देखकर पुराने समय की पारंपरिक बारातों को याद किया। उनका कहना था कि पहले गांवों में इसी तरह बैलगाड़ियों से बारातें जाया करती थीं और यह दृश्य उन्हें पुराने दिनों की याद दिला रहा है।

बैलगाड़ी में ससुराल पहुंची दुल्हन

रात में विवाह की सभी रस्में संपन्न हुईं।इसके बाद रविवार सुबह दुल्हन की विदाई का नजारा बहुत खास रहा।दुल्हन जब सजी हुई बैलगाड़ी पर बैठकर ससुराल के लिए रवाना हुई तो वहां मौजूद लोगों के लिए यह पल यादगार बन गया। बारात की व्यवस्था भी अलग अंदाज में की गई थी। सबसे आगे डीजे चल रहा था,उसके पीछे दूल्हा-दुल्हन सजी हुई बैलगाड़ी में बैठे थे। उनके पीछे अन्य बारातियों की बैलगाड़ियां और सबसे अंत में चारपहिया वाहन चल रहे थे।

5 किमी निकली बारात

कार्यक्रम स्थल से लगभग पांच किलोमीटर दूर शिवनी डेरा तक यह अनोखी बारात निकाली गई। रास्ते में लोग रुक-रुक कर इस पारंपरिक बारात को देखते रहे और फोटो-वीडियो बनाते रहे। बैलगाड़ियों से निकली इस अनोखी बारात ने पूरे जिले में लोगों का ध्यान खींचा और ग्रामीण परंपराओं की झलक भी दिखाई।

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