चमकेगी मुरादाबाद की किस्मत,गंगा एक्सप्रेसवे बनेगा विकास का नया पुल
गंगा एक्सप्रेसवे से मुरादाबाद की मेरठ और प्रयागराज से कनेक्टिविटी होगी मजबूत
सिंभावली इंटरचेंज से दूरी 20 से 25 किमी कम होने से व्यापार और निर्यात को मिलेगा बड़ा लाभ
मुरादाबाद।उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद के पीतल उद्योग और यहां के व्यापारिक भविष्य को लेकर बड़ी खबर है।मेरठ से प्रयागराज तक बनने वाला गंगा एक्सप्रेसवे अब मुरादाबाद के लिए तरक्की की नई रफ्तार लेकर आ रहा है।गंगा एक्सप्रेसवे से मुरादाबाद की कनेक्टिविटी न केवल पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ से मजबूत होगी,बल्कि संगम नगरी तक का सफर भी बहुत आसान होने जा रहा है।
मुरादाबाद से मेरठ या दिल्ली जाने वाले व्यापारियों व आम यात्रियों को अक्सर ट्रैफिक जाम और संकरे रास्तों का करना पड़ता है सामना
मुरादाबाद से मेरठ या दिल्ली की ओर जाने वाले व्यापारियों और आम यात्रियों को अक्सर ट्रैफिक जाम और संकरे रास्तों का सामना करना पड़ता है।अब गंगा एक्सप्रेसवे इस पूरी तस्वीर को बदलने वाला है।मुरादाबाद के निर्यातकों को अपने उत्पाद बंदरगाहों या अन्य राज्यों तक भेजने में समय और लागत दोनों की बड़ी बचत होगी,ये शहर की अर्थव्यवस्था को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगा।
सिंभावली इंटरचेंज से बदलेगी तस्वीर
बताते चलें कि मुरादाबाद के लोगों के लिए मेरठ और प्रयागराज जाना बड़ी चुनौती है।मेरठ और प्रयागराज तक पहुंचने के लिए यात्रियों को गढ़ रोड और बुलंदशहर जैसे व्यस्त हाईवे का सहारा लेना पड़ता है,जहां भारी वाहनों का दबाव और जाम घंटों का समय बर्बाद कर देता है,लेकिन अब मुरादाबाद के लोग सिंभावली इंटरचेंज के माध्यम से सीधे गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ सकेंगे।मेरठ के बिजौली से शुरू होने वाला यह सफर अब बिना किसी रुकावट के तेज रफ्तार से तय किया जा सकेगा है।इससे सफर का अनुभव पूरी तरह बदल जाएगा।
20-25 किमी कम होगा सफर
गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण से मुरादाबाद और मेरठ के बीच की दूरी में लगभग 20 से 25 किलोमीटर कम हो जाएगी।यह कमी सुनने में छोटी लग सकती है,लेकिन एक निर्यातक शहर मुरादाबाद के लिए ईंधन की बचत और समय पर डिलीवरी बहुत मायने रखती है।सिंभावली इंटरचेंज एक गेम-चेंजर साबित होगा,क्योंकि गंगा एक्सप्रेसवे को दिल्ली-लखनऊ हाईवे से सीधे जोड़ देगा है।मुरादाबाद के व्यापारियों को दिल्ली की मंडियों और लखनऊ के गलियारों तक सीधी पहुंच मिलेगी।यह आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर मुरादाबाद के पीतल नगरी वाले गौरव को वैश्विक स्तर पर और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने में सहायक सिद्ध होने वाला है।