नई दिल्ली।रेखा गुप्ता सरकार में स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर पंकज कुमार सिंह ने ऐलान किया है कि राजधानी के वरिष्ठ नागरिकों के लिए जल्द ही 20 आधुनिक जेरियाट्रिक एम्बुलेंसश शुरू की जाएंगी। इन विशेष एम्बुलेंस के जुड़ने से दिल्ली में सेंट्रलाइज्ड एक्सीडेंट एंड ट्रॉमा सर्विसेज एम्बुलेंस की कुल संख्या 331 से 351 हो जाएगी। इसे भविष्य में 1000 तक ले जाने की योजना है।यह पहल बुजुर्गों को आपातकालीन स्थिति में बेहतर प्री-हॉस्पिटल स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के लिए की गई है।सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 13,034 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है ताकि बुनियादी ढांचे और क्रिटिकल केयर सुविधाओं को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।
बुजुर्गों को तुरंत मिलेगी इमरजेंसी हेल्थ सेवाएं
दिल्ली में बुजुर्गों को आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं जरूरत पड़ने पर तत्काल मिलेंगी।इसके लिए दिल्ली सरकार जल्द ही 20 आधुनिक जेरियाट्रिक एंबुलेंस शुरू करेगी। इन एंबुलेंस को विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों की मेडिकल जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। इससे आपातकालीन स्थिति में राजधानी के वरिष्ठ नागरिकों के लिए एंबुलेंस के रिस्पॉन्स टाइम में सुधार होने के साथ ही बेहतर प्री-हॉस्पिटल देखभाल भी सुनिश्चित हो सकेगी।
दिल्ली में 331 एंबुलेंस का संचालन
स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर पंकज कुमार सिंह ने कहा कि अभी सेंट्रलाइज्ड एक्सीडेंट एंड ट्रॉमा सर्विसेज अपने सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल रूम (टोल-फ्री नंबर 102) के जरिए दिल्ली में 331 एंबुलेंस का संचालन कर रही है।
1000 तक जाएगा एंबुलेंस बेड़ा
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया ये सभी 112 नंबर यानी इमरजेंसी रिस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम के साथ जुड़ी हुई हैं। 20 जेरियाट्रिक एंबुलेंस के जुड़ने के बाद दिल्ली में एंबुलेंस की संख्या बढ़कर 351 हो जाएगी।उन्होंने बताया कि इससे राजधानी में आपातकालीन सेवाएं और ज्यादा बेहतर हो जाएंगी।दिल्ली सरकार चरणबद्ध तरीके से एंबुलेंस के बेड़े को 1000 तक बढ़ाने की योजना बना रही है, ताकि भविष्य की जरूरतों के अनुसार आपातकालीन नेटवर्क तैयार किया जा सके।
स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने पर फोकस
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यह पहल दिल्ली सरकार के उस विजन का हिस्सा है,जिसमें स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को और ज्यादा सुलभ,प्रभावी और मजबूत बनाया जा रहा है। इसके लिए सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 13,034 करोड़ रुपए का बजट आवंटन किया है। सरकारी अस्पतालों के अधूरे प्रोजेक्ट के निर्माण कार्यों को तेजी से पूरा करने और क्रिटिकल केयर सुविधाओं को और बेहतर बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।