नई दिल्ली।पश्चिम बंगाल में भगवा की आंधी आई है। भारतीय जनता पार्टी ने विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी के किले को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया है।बाजारों विश्लेषकों ने अनुमान लगाया है कि सत्ता परिवर्तन से पश्चिम बंगाल की आर्थिक विकास दर को रफ्तार देगी।इसका फायदा देश की अर्थव्यवस्था को भी मिलेगा।
एमके ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज की मुख्य अर्थशास्त्री माधवी अरोड़ा ने कहा...
एमके ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज की मुख्य अर्थशास्त्री माधवी अरोड़ा ने कहा कि पश्चिम बंगाल में बीजेपी की जीत एक बड़ा राजनीतिक बदलाव होगा। खासकर तब जब राज्य का एक लंबा इतिहास रहा है,जहां बीजेपी का दबदबा नहीं रहा है। वाम मोर्चा के दौर से लेकर ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी के मौजूदा शासन तक ऐसा देखने को मिला है।अरोड़ा ने कहा कि यह मोदी+शाह की कल्याण और राष्ट्रीय सुरक्षा पर आधारित नीतिगत रणनीति को सही साबित करता है। इसके प्रभाव राज्य की सीमाओं से कहीं आगे तक महसूस किए जाएंगे।
इंडस्ट्रियल पॉलिसी को मिलेगा बूस्टर
माधवी अरोड़ा ने कहा कि अगले साल होने वाले यूपी चुनावों से पहले एक बड़े राज्य में बीजेपी के पूर्वी विस्तार से एक सच्ची अखिल-भारतीय पार्टी बनने के उसके टारगेट को और मजबूती मिलेगी। इससे राज्य में केंद्र सरकार की योजनाओं के लिए प्रशासनिक मंजूरी मिलने की प्रक्रिया भी तेज हो सकती है।केंद्र और राज्य के बीच बेहतर तालमेल बनेगा। साथ ही मध्यम अवधि में यह राज्य की इंडस्ट्रियल पॉलिसी और मैन्युफैक्चरिंंग सेक्टर के लिए भी सकारात्मक साबित हो सकता है। हालांकि, निकट भविष्य में राज्य का राजकोषीय अनुशासन बनाम लोकलुभावन खर्च, एक अहम परीक्षा साबित होगा।
0.5% बढ़ सकती है ग्रोथ
एबेकस एसेट मैनेजर के संस्थापक सुनील सिंघानिया ने कहा कि बंगाल में सत्ता परिवर्तन से जीडीपी में 0.5 फीसदी की ग्रोथ हो सकती है।यह देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।अर्थव्यवस्था के लिए यह बड़ा मल्टीप्लायर साबित होने की क्षमता रखता है।
सुनील सिंघानिया के मुताबिक...
सुनील सिंघानिया के मुताबिक बंगाल कभी व्यापार का प्रमुख केंद्र हुआ करता था,लेकिन धीरे-धीरे सरकारी नीतियों के चलते यहां से कई व्यवसायों ने पलायन कर लिया।हमने देखा है कि यूपी जैसे एक बड़े राज्य में दूरदर्शी सरकार किस तरह से कायापलट कर सकती है। पश्चिम बंगाल में 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की पूरी क्षमता मौजूद है।
बीजेपी के पक्ष में रहा है बाजार
बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक एक स्वतंत्र बाजार विशेषज्ञ अंबरीश बालिगा ने कहा कि जहां तक आर्थिक नीतिगत निर्णयों का सवाल है तो बाजार हमेशा से ही बीजेपी के पक्ष में रहे हैं। अतीत में भी बाजार ने राज्य स्तर पर बीजेपी सरकार के गठन का स्वागत किया है। बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे इसका ताजा उदाहरण हैं।बंगाल भारत की छठी सबसे बड़ी राज्य अर्थव्यवस्था है। इस राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (GDP) 20 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। यह 9.3 फीसदी की दर से लगातार बढ़ रहा है। बंगाल को पूर्वी भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया का एंट्री गेट माना जाता है, जहां स्टील, कपड़ा और भारी उद्योगों में मजबूत औद्योगिक पकड़ है।