लेबर डे पर महंगाई की मार,प्रवासी-मजदूरों पर महंगाई की मार, 5 किलो वाला गैस सिलेंडर 261 रुपये हुआ महंगा
लेबर डे पर महंगाई की मार,प्रवासी-मजदूरों पर महंगाई की मार, 5 किलो वाला गैस सिलेंडर 261 रुपये हुआ महंगा

01 May 2026 |   25



 

नई दिल्ली।पूरे विश्व में शुक्रवार को मजदूर दिवस मनाया गया।मजदूर दिवस के दिन ही प्रवासी और मजदूर वर्ग पर महंगाई की तगड़ी मार पड़ी है। 5 किलो वाले सिलेंडर की कीमतों में जबरदस्‍त बढ़ोतरी हुई है,अब ये 261 रुपये महंगा हो गया है। 5 किलो वाला सिलेंडर श्रमिक-मजदूर वर्ग,प्रवासियों और घर से बाहर रह रहे छात्रों को ध्‍यान में रखकर बनाया गया था।

तेल कंपनियों ने 5 किलो वाले एलपीजी की कीमतों में की बढ़ोतरी 

तेल कंपनियों ने 5 किलो वाले एलपीजी की कीमतों में 261 रुपये की बढ़ोतरी की है,ये एक बड़ी बढ़ोतरी है।इस बढ़ोतरी के साथ ही अब 5 किलो वाला एलपीजी सिलेंडर 549 रुपये से बढ़कर 810 रुपये हो चुका है।पिछले महीने अप्रैल में भी इसके दाम में बढ़ोतरी की गयी थी।तब इस सिलेंडर की कीमत में 51 रुपये की बढ़ोतरी हुई थी।अब नई बढ़ोतरी के बाद  श्रमिक-मजदूर वर्ग,प्रवासियों और छात्रों पर इसका गहरा असर होगा।कम खर्च में गुजारा करने और पैसे बचाने पर फोकस रहने वाले इस वर्ग को अब ज्‍यादा पैसे खर्च करने पड़ेंगे।

कमर्शियल सिलेंडर के दाम भी बढ़े 

5 किलो वाले सिलेंडर के अलावा 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम में भी बढ़ोतरी हुई है।इसमें 993 रुपये की बढ़ोतरी हुई है।इस बढ़ोतरी के बाद दिल्‍ली में एक कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 3000 रुपये के पार जा चुकी है, इसका मतलब है कि अब रेस्‍टोरेंट,होटल और स्‍ट्रीट फूड के बिल बढ़ जाएंगे।साथ ही शादी विवाह में खाने-पीने का खर्च भी बढ़ जाएगा।ऑनलाइन फूड ऑर्डर भी महंगा हो सकता है।

रसोई गैस के दाम में नहीं कोई बढ़ोतरी 

रसोई गैस की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।तेल कंपनियों ने 33 करोड़ यूजर्स को राहत देते हुए इसके दाम में बढ़ोतरी नहीं हुई है।आखिरी बार रसोई गैस के दाम में इसी साल 7 मार्च को बढ़ा था।अभी दिल्‍ली में रसोई गैस की कीमत 913 रुपये, मुंबई में 912.50 रुपये, चेन्‍नई में 928.50 रुपये और कोलकाता में एक सिलेंडर की कीमत 939 रुपये है।

क्‍यों बढ़े गैस के दाम

अमेरिका और ईरान में जंग से तेल-गैस की सप्‍लाई बाधित हुई है।साथ ही अमेरिका ने स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज की नाकाबंदी भी कर रखी है,जिससे सऊदी,कतर और यूएई से होने वाली गैस की सप्‍लाई कम हो गई है।हालांकि भारत अफ्रीका देशों, अमेरिका और अन्‍य जगहों से तेल-गैस का आयात कर रहा है, लेकिन लागत बढ़ गई है।लागत बढ़ने का असर रिटेल प्राइस पर अब दिखने लगा है।इस वजह से कमर्शियल गैस के दाम में इतनी बढ़ी बढ़ोतरी देखी जा रही है।

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