लखनऊ।आम आदमी पार्टी का गठन साल 2012 में हुआ था।आप के गठन के बाद से लेकर अप्रैल 2026 तक पार्टी से कई बड़े चेहरों को निकाला गया तो कुछ ने खुद ही इस्तीफा दे दिया।हर निष्कासन और इस्तीफे के साथ आप की राह और बहुत कठिन होती गई।आप के मुखिया अरविंद केजरीवाल की राह में इन इस्तीफों और निष्कासन के रूप में कांटों की कमी भी नहीं रहीं।आप से हर जाने वाले ने पार्टी की कट्टर ईमानदार वाली छवि को गहरा जख्म ही दिया।
अब ताजा घटनाक्रम में सांसद राघव चड्ढा समेत आठ सांसदों के आम आदमी पार्टी छोड़ी तो एक बार फिर सवाल उठ रहा है कि क्या पार्टी के अंदर असहमति के लिए पर्याप्त जगह है,क्या असहमति को सुना भी जाता है या नहीं।आइए जानते हैं कि अब तक किन बड़े नामों ने आम आदमी पार्टी से अपने रास्ते अलग कर लिए या खुद पार्टी ने ही उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया।
2015–2018 का दौर,सामने आए मतभेद
आप संस्थापक सदस्यों और पार्टी के बड़े चेहरों में ही वैचारिक मतभेद खुलकर सामने आए।योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण जैसे संस्थापक नेताओं को 2015 में आंतरिक लोकतंत्र की कमी के आरोपों के बीच आप से निष्कासित कर दिया गया।
उनके समर्थन में खड़े प्रोफेसर आनंद कुमार और अजीत झा भी निष्कासित कर दिए गए। मयांक गांधी और अंजलि दमानिया ने भी उसी साल संगठनात्मक असहमति की वजह से इस्तीफा दे दिया।साल 2017 में कपिल मिश्रा को मंत्री रहते हुए निष्कासित कर दिया गया।आशुतोष ने साल 2018 में निजी कारणों का हवाला देते हुए इस्तीफा दिया। कुमार विश्वास राज्यसभा टिकट विवाद के बाद धीरे-धीरे पार्टी से अलग हो गए।
इन्हें आम आदमी पार्टी ने निकाला
विनोद कुमार बिन्नी — 2014 (बागी, बाद में निष्कासित)
योगेंद्र यादव — 2015 (निकाले गए)
प्रशांत भूषण — 2015 (निकाले गए)
आनंद कुमार — 2015 (निकाले गए)
अजीत झा — 2015 (निकाले गए)
कपिल मिश्रा — 2017 (निकाले गए)
2019–2025 में श्रेणीय नेताओं तक पहुंच गई आग
आम आदमी पार्टी के विधायक और क्षेत्रीय नेताओं के बाहर जाने का सिलसिला जारी रहा।अलका लांबा ने साल 2019 में इस्तीफा देकर कांग्रेस का रुख किया,जबकि एचएस फुलका ने राजनीति से संन्यास लेने की बात कहकर दूरी बनाई।राज कुमार आनंद ने साल 2024 में मंत्री पद छोड़ते हुए आप की की कार्यशैली पर सवाल उठाए। साल 2025 के दिल्ली चुनाव से पहले टिकट बंटवारे को लेकर असंतोष सामने आया और नरेश यादव,भावना गौड़,राजेश ऋषि,मदन लाल समेत कई विधायकों ने इस्तीफा दे दिया।
इन्होंने दिया आम आदमी पार्टी से दिया इस्तीफा
शाजिया इल्मी — 2014 (इस्तीफा)
आशुतोष — 2018 (इस्तीफा)
कुमार विश्वास — 2017–2018 (किनारा किया/बाद में अलग)
अलका लांबा — 2019 (इस्तीफा)
हरदीप सिंह मुंडियां — 2023
अनिंदरजीत सिंह लोढी — 2023
राजकुमार आनंद — 2024 (इस्तीफा, मंत्री पद छोड़ा)
अब 2026 में राघव चड्ढा ने किया सबसे बड़ा दलबदल
अब ताजा घटनाक्रम आम आदमी पार्टी के इतिहास का सबसे बड़ा दलबदल माना जा रहा है।सांसद राघव चड्ढा के नेतृत्व में आप के 7 राज्यसभा सांसदों ने आप छोड़ दी और भाजपा का दामन थाम लिया।इसमें संदीप पाठक,स्वाति मालीवाल, हरभजन सिंह,अशोक मित्तल,राजेंद्र गुप्ता और विक्रमजीत साहनी जैसे नाम हैं।
आंदोलन के समय जुड़े चेहरे भी हुए अलग
आंदोलन के दौर से जुड़े कुछ चेहरे भी समय के साथ अलग हुए।शांति भूषण ने सक्रिय राजनीति से दूरी बनाई, जबकि किरण बेदी ने भी बाद में अलग राह चुनी और आगे चलकर बीजेपी से जुड़ीं।
अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में आप ने भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन से शुरुआत कर राष्ट्रीय राजनीति में जगह बनाई, लेकिन लगातार इस्तीफों और निष्कासन ने आप के आंतरिक लोकतंत्र,नेतृत्व शैली और संगठनात्मक ढांचे पर सवाल खड़े किए हैं।