नई दिल्ली।मोदी सरकार ने गुरुवार को लोकसभा में विपक्ष के विरोध के बीच महिला आरक्षण अधिनियम में संशोधन और परिसीमन से संबंधित तीन विधेयकों को पेश किया। महिला आरक्षण से जुड़े विधेयक पर आम आदमी पार्टी ने अपना स्टैंड क्लियर कर लिया है।इसके साथ ही एक मामले पर सरकार की मनसा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।दिल्ली के पूर्व शिक्षा मंत्री और आप नेता मनीष सिसोदिया ने कहा,ये जो कर रहे हैं,ये भारत के लोकतंत्र के खिलाफ है। सिसोदिया के बयान को बताने से पहले बता दें कि सरकार किन 3 बिलों को लेकर आई है।केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026 और परिसीमन विधेयक, 2026 पेश किए,वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किया।
महिला आरक्षण बिल पर आप का स्टैंड
मीडिया द्वारा आप नेता मनीष सिसोदिया से जब महिला आरक्षण मामले पर रुख पूछा गया,तो उन्होंने साफ शब्दों में कहा,महिला आरक्षण बिल अपने आप में एक अच्छी सोच है। हम सब इसके साथ हैं। आधी आबादी को संसद में अधिकारपूर्वक मौका मिलना चाहिए। किसी एक के अंडर में मोनोपॉली नहीं होनी चाहिए। इसलिए हम इस बिल के साथ हैं।
फिर किस बात का विरोध कर रही आप
इसके बाद मनीष सिसोदिया ने बताया कि हम किस बात का विरोध कर रहे हैं,इसके पीछे सिसोदिया ने एक बड़ी समस्या गिनाई। सिसोदिया ने कहा,हम इस बिल के साथ हैं,लेकिन महिला आरक्षण बिल लाने के नाम पर,जो ये सीटों का पूरा का पूरा ढांचा छेड़ा जा रहा है,वो भारत के लोकतंत्र के खिलाफ है। इसके बाद सिसोदिया ने पीएम मोदी पर निशाना साधना शुरू कर दिया।
सिसोदिया ने मोदी पर लगाए गंभीर आरोप
मनीष सिसोदिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाते हुए कहा,मोदी जी के लिए अब एक ट्रेंड बन गया है, अगर वो किसी इलाके से चुनाव नहीं जीत पाते हैं, तो वो वोट कटवा देते हैं। सिसोदिया ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा- 80 लाख वोट कटवाना, 90 लाख वोट कटवाना, 27 लाख लोगों को वोट न करने देना। ये मोदी जी ने ट्रेंड बना लिया है। सिसोदिया ने तंज कसते हुए कहा,संविधान में इसकी व्यवस्था नहीं है, ये मोदी विधान में है। मोदी जी ने इसे अपना विधान बना लिया है।
चुनाव जीतने के लिए सीटें कटवा-बढ़वा रहे
मनीष सिसोदिया ने परिसीमन संबंधी प्रावधान के तहत सीटों में होने वाले बदलाव का मुद्दा उठाते हुए पीएम मोदी पर गंभीर आरोप लगाए।सिसोदिया ने कहा,मोदी नया विधान ला रहे हैं। जहां हम चुनाव नहीं जीत पाते हैं, वहां लोकसभा की सीटें कम कर दो। जहां चुनाव जीतते हैं, वहां सीटें बढ़वा दो। बाबा साहब ने संविधान इसलिए तो नहीं बनवाया था। शहीदे आजम भगत सिंह ने इसलिए तो कुर्बानी नहीं दी थी कि मोदी अपनी हवस के लिए।
फिर लोकसभा में हो जाएंगी 850 सीटें
आपको बता दें कि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने के लिए एक विधेयक संसद में पेश किया जाना है। इसमें संसद के निचले सदन में सदस्यों की मौजूदा संख्या 543 से बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव है। इसके साथ ही, सरकार परिसीमन आयोग के गठन के लिए भी एक विधेयक तथा इनसे संबंधित केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन विधेयक), 2026 लाने की तैयारी में है।