नई दिल्ली।राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में जनगणना 2027 का पहला चरण शुरू हो गया है।इस चरण को मकान सूचीकरण और आवास जनगणना कहा जाता है। इसके तहत घरों, इमारतों और परिवारों से जुड़ी जानकारी जुटाई जाएगी। भारत के रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण के मुताबिक यह प्रक्रिया 30-30 दिनों के दो चरणों में पूरी होगी।
इस चरण में व्यक्तियों की नहीं,बल्कि घर और परिवार की गिनती की जाएगी।जनगणना कर्मचारी घर-घर जाकर कुल 33 सवाल पूछेंगे,जिनके जरिए बुनियादी सुविधाओं,परिवार की स्थिति और घरेलू संसाधनों की जानकारी एकत्र की जाएगी। खास बात यह है कि इस बार पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी और कर्मचारी मोबाइल ऐप के जरिए डेटा दर्ज करेंगे।
मकान से जुड़े 7 सवाल
1- मकान नंबर क्या है
2- जनगणना मकान संख्या
3- घर किस फर्श का है- कच्चा या पक्का
4- घर के दीवार में कौन सी सामग्री लगी है
5- घर के छत की सामग्री क्या है
6- घर का उपयोग
7- घर की हालत कैसी है
परिवार से संबंधित 8 प्रश्न
1- परिवार की संख्या
2- घर में कितने लोग रहते हैं
3- परिवार के मुखिया का नाम
4- परिवार के मुखिया का लिंग
5- परिवार के मुखिया की जाति
6- घर स्वयं के नाम/किराया पर
7- घर में कितने कमरे हैं
8- घर में कितने विवाहित परिवार रहते हैं
पानी, सफाई और ऊर्जा से जुड़े 10 सवाल
1- पेयजल का मुख्य स्रोत क्या है
2- पेयजल की उपलब्धता
3- घर में लाइट का मुख्य स्रोत
4- शौचालय है या नहीं
5- किस प्रकार का शौचालय
6- गंदे पानी का निकास
7- घर में नहाने के लिए बाथरूम है या नहीं
8- रसोईघर की उपलब्धता
9- खाना पकाने का मुख्य साधन
10- परिवार के खाद्य का मुख्य अनाज
घरेलू साधनों से जुड़े 8 सवाल
1- रेडियो/ट्रांजिस्टर
2- टेलीविजन
3- इंटरनेट सुविधा
4- लैपटॉप/कंप्यूटर
5- टेलीफोन/मोबाइल फोन/स्मार्ट फोन
6- साइकिल/स्कूटर/मोटरसाइकिल/मोपेड
7- कार/जीप/वैन
8- मोबाइल नंबर
बताते चलें कि नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (NDMC) और दिल्ली छावनी क्षेत्रों में यह अभियान 16 अप्रैल से 15 मई तक चलेगा,जबकि दिल्ली नगर निगम (MCD) क्षेत्रों में 16 मई से 15 जून के बीच इसे पूरा किया जाएगा।
रेखा गुप्ता सरकार ने साफ किया है कि सभी जानकारी गोपनीय रखी जाएगी और इसका उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।साथ ही यदि कोई अधिकारी अनुचित या आपत्तिजनक सवाल पूछता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। जनगणना का दूसरा चरण बाद में शुरू होगा, जिसमें देश की आबादी की गिनती की जाएगी।