नई दिल्ली।राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बीते साल 10 नवंबर को लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास एक कार बम धमाका हुआ था।इस धमाके में 11 लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य लोग घायल हो गए थे। राष्ट्रीय राजधानी को दहला देने वाले धमाके से संपत्ति को भी भारी नुकसान पहुंचा था।इस धमाके के बाद एनआईए को मामले की जांच सौंपी गई।अब एनआईए ने इस केस में 7500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है।एनआईए ने गुरुवार को पटियाला हाउस कोर्ट स्थित विशेष अदालत में 10 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।
कोर्ट में पेश किए गए 5 आरोपी, 5 की वीसी से पेशी
इस दौरान 5 आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया,जबकि 5 आरोपी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए।एनआईए ने इस मामले में कुल 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। यह चार्जशीट यूए(पी) एक्ट 1967, भारतीय न्याय संहिता 2023, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908, शस्त्र अधिनियम 1959 और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम 1984 की संबंधित धाराओं के तहत दाखिल की गई है।
लाल किले में हुए विस्फोट के मुख्य आरोपी उमर उन नबी समेत सभी 10 आरोपी आतंकी संगठन अल-कायदा की एक शाखा से संबद्ध थे-जांच अधिकारी, NIA
चार्जशीट में 10 आरोपियों के नाम
चार्जशीट में मुख्य साजिशकर्ता उमर उन नबी का भी नाम शामिल है,जो धमाके के समय कार में सवार था।कार धमाके में ही उमर नबी की जान चली गई थी। इसके अलावा चार्जशीट में आमिर राशिद अली,जसीर बिलाल वानी, मुजम्मिल,अदील अहमद राथर,मुफ्ती इरफान अहमद,डॉक्टर शाहीन सईद,सोयब,बिलाल और यासिर अहमद डार के नाम शामिल हैं।
एनआईए की चार्जशीट में बड़ी बातें
एनआईए ने कोर्ट में बताया कि यह हमला बेहद सुनियोजित आतंकी साजिश का हिस्सा था।ऑपरेशन हेवनली हिंद नाम से एक साजिश रची गई,जिसका कथित मकसद भारत में लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार को हटाना और शरिया-आधारित शासन स्थापित करना था।एजेंसी ने बताया कि यह चार्जशीट जम्मू-कश्मीर,हरियाणा,उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र,गुजरात और दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में की गई विस्तृत जांच पर आधारित है।जांच में कथित तौर पर 588 गवाहों के बयान, 395 से ज्यादा दस्तावेजी रिकॉर्ड और 200 से अधिक जब्त की गई चीजें और सामान शामिल हैं। एनआईए ने कोर्ट को बताया कि इस मामले में आगे सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की जाएगी।