राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर बोले बौरा बाबा के प्रतिनिधि प्रभात सिंह,ट्रस्ट में बस 3 लोगों की चलती थी
राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर बोले बौरा बाबा के प्रतिनिधि प्रभात सिंह,ट्रस्ट में बस 3 लोगों की चलती थी

22 Jun 2026 |   21



ब्यूरो सुनील कुमार पाण्डेय 

अयोध्या।राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले से सुर्खियों में छाया हुआ है।इस मामले में जांच भी तेज हो गई है।इसी बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के ट्रस्टी,निर्मोही अखाड़ा दिनेंद्र दास उर्फ बौरा बाबा के प्रतिनिधि प्रभात सिंह के आरोपों ने नए सवाल खड़े कर दिए हैं।ट्रस्ट की कार्यप्रणाली,चढ़ावे की सुरक्षा व्यवस्था और कुछ प्रभावशाली लोगों की भूमिका को लेकर किए गए दावों के बीच अब एसआईटी की रिपोर्ट का इंतजार बढ़ गया है।

प्रभात सिंह ने मीडिया से बातचीत में किए क‌ई खुलासे 

प्रभात सिंह ने मीडिया से बातचीत में कई खुलासे किए हैं। उन्होंने कहा मंदिर के चढ़ावे में जो कुछ हुआ बहुत बुरा हुआ,पूरी दुनिया में भद्द पिटवा दी,किरकिरी करवा दी।

उसके बिना मंदिर में पत्ता भी नहीं हिलता

प्रभात सिंह ने कहा ट्रस्ट के जिम्मेदार लोगों की लापरवाही से ही यह सब हुआ है।ट्रस्ट में राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव कहने को व्यवस्थापक था,लेकिन उसके पास दान पत्र की चाबियां तक रहती थी।वही मंदिर में वीवीआईपी दर्शन की व्यवस्था करता था। प्रभात सिंह ने कहा कि राम शंकर यादव मंदिर में वॉकी टॉकी लेकर चलता था,उसके बिना मंदिर में पत्ता भी नहीं हिलता।चंपत राय का बेहद करीबी राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव बेहद ताकतवर है।

चढ़ावा गिनने वालों की कोई चेकिंग तक नहीं

प्रभात सिंह ने कहा कि राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव की तरह ही एक और व्यक्ति चंदन राय भी है।चंदन राय चंपत राय का सगा भतीजा नहीं है,लेकिन टिन्नू की तरह बेहद करीबी है। वो ट्रस्ट का अकाउंटेंट है। प्रभात सिंह ने कहा कि चंदन राय बिहार का रहने वाला है और ट्रस्ट में बहुत अहम जिम्मेदारी रखता है।ट्रस्ट की बैठक में तीन लोगों के अलावा किसी की सुनी नहीं जाती थी,जब चढ़ावा चोरी की जानकारी हुई तब शिकायत की गई है।श्री सिंह ने दावा किया कि नोट गिनने वाले कर्मचारियों की घर जाते समय कोई चेकिंग तक नहीं होती थी।ड्रेस दी गई,लेकिन कोई पहनता भी नहीं था।

बता दें कि जांच के दौरान जिन गणना कर्मियों से पूछताछ की गई है,उनमें प्रमुख रूप से लवकुश मिश्रा,अनुकल्प मिश्रा, मनीष यादव,रमाशंकर उर्फ टिन्नू यादव और राजेश पाठक के नाम शामिल हैं।एसआईटी ने नोटों की गिनती के दौरान कथित तौर पर हुई विभिन्न अनियमितताओं और प्रक्रियागत खामियों को लेकर इन सभी से विस्तार से पूछताछ की है।

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