बड़ी खबर:बार एसोसिएशन का फैसला,राम मंदिर चढ़ावा चोरी करने वाले आरोपियों का केस कोई वकील नहीं लड़ेगा
बड़ी खबर:बार एसोसिएशन का फैसला,राम मंदिर चढ़ावा चोरी करने वाले आरोपियों का केस कोई वकील नहीं लड़ेगा

29 Jun 2026 |   17



 

अयोध्या।राम नगरी अयोध्या से बड़ी खबर है।राम मंदिर चढ़ावा चोरी में गिरफ्तार आरोपियों की कोई वकील पैरवी नहीं करेगा।फैजाबाद बार एसोसिएशन से सर्वसमिति से यह फैसला किया है।सोमवार को इसे लेकर बार ने विशेष बैठक बुलाई और इसे लेकर प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।बार ने पूरे मामले में श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों चंपत राय, अनिल मिश्रा और विनोद राय को भी दोषी मानते हुए उनके खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर जांच कराने और कड़ी नजर रखने के लिए शासन को पत्र भेजने का फैसला किया है।

बैठक को संबोधित करते हुए बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्र ने कहा कि अधिवक्ता संघ ने निर्णय लिया है कि कोई भी अधिवक्ता आरोपियों की पैरवी न्यायालय में नहीं करेगा।अगर कोई आरोपियों की पैरवी करेगा तो उसे पांच लाख रुपया जुर्माना देना होगा।अगर वह जुर्माना जमा नहीं करेगा तो उसी दिन से उनकी सदस्यता समाप्त कर दी जाएगी।

कालिका प्रसाद ने बताया कि अभियोजन पक्ष (प्रोसिक्यूशन) की प्रभावी पैरवी के लिए बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।उनके साथ पांच अन्य अधिवक्ताओं की टीम भी गठित की जाएगी,जो आरोपियों के खिलाफ मामले की पैरवी में शामिल रहेगी। उन्होंने बताया कि बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जिलाधिकारी को पत्र भेजकर मांग की जाएगी कि आरोपियों के खिलाफ पैरवी में अधिवक्ता संघ के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाए।

कालिका प्रसाद ने बताया कि संघ ने मांग उठाई कि श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय,अनिल मिश्रा और गोपाल राव के खिलाफ धारा 173 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर उनकी भूमिका की भी निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि जांच पूरी होने तक वे अयोध्या छोड़कर न जा सकें।

बार एसोसिएशन के सचिव शैलेंद्र जायसवाल ने कहा कि मंदिर के चढ़ावे की चोरी की घटना से हम सभी आहत हैं। इसने हमारी आस्था पर चोट किया है।अयोध्या को बदनाम किया गया है।कई अधिवक्ताओं ने आरोपियों को कथित तौर पर गुपचुप तरीके से रिमांड मजिस्ट्रेट के सामने पेश किए जाने पर भी नाराजगी जताई है।

अधिवक्ता विवेक कुमार सिंह ने कहा कि आरोपियों को पहले जनता के बीच ले जाया जाना चाहिए था।अधिवक्ता राजेंद्र चौधरी ने कहा कि इस कांड के कारण अयोध्यावासियों की छवि धूमिल हुई है। इनके खिलाफ भी अन्य मामलों की तरह बुलडोजर ऐक्शन होना चाहिए।

बता दें कि बार एसोसिएशन की बैठक के दौरान राम मंदिर में चढ़ावा चोरी करने वाले आरोपियों के खिलाफ जबरदस्त आक्रोश देखने को मिला।खासकर चंपत राय,अनिल मिश्रा और विनोद राव का नाम लेकर उन्हें भी जांच में शामिल करने, गिरफ्तार कर जेल में डालने की मांग जोर-शोर से कई वकीलों ने उठाई। तीनों को तीन दिन के अंदर अयोध्या छोड़ने का अल्टीमेटम भी देते हुए कहा गया कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो अयोध्या को जाम कर दिया जाएगा।

बता दें कि एसआईटी की जांच और प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद आठ आरोपियों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराते हुए सभी को गिरफ्तार कर लिया गया है। इनसे लगभग 80 लाख रुपए बरामद किए गए हैं।

More news