लखनऊ।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट बैठक हुई।कैबिनेट बैठक में रक्षाबंधन से पहले महिलाओं बड़ा तोहफा मिला है। 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए अब उप्र राज्य सड़क परिवहन निगम की सामान्य बसों में यात्रा निशुल्क होगी। इन महिलाओं के लिए आजीवन रहेगी।कैबिनेट बैठक में 24 प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।यूपी में 250 इलेक्ट्रिक बस खरीदने के लिए कैबिनेट ने 425 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।
इस योजना को लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति योजना नाम दिया गया है।निशुल्क यात्रा के लिए महिलाओं को आधार कार्ड या वोटर आईडी कार्ड दिखाना होगा।महिलाओं के आधार कार्ड से उनकी उम्र देखकर मुफ्त बस यात्रा देने की योजना शुरू होगी।इस योजना का लाभ एक करोड़ से अधिक महिलाओं को मिलने का अनुमान है।महिलाओं को निशुल्क बस सेवा देने में महीने का खर्च लगभग 22.5 करोड़ रुपये आएगा।यह आंकड़ा प्रतिदिन 88,000 महिलाओं की यात्रा के आधार पर निकाला गया है।महिलाओं की आबादी का आंकड़ा 2011 की जनगणना के आधार पर निकाला गया है।
योगी कैबिनेट ने वरिष्ठ नागरिकों के सम्मानजनक जीवन और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए बड़ा कदम उठाया है। उत्तर प्रदेश माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण और कल्याण नियमावली-2014 में संशोधन करते हुए नियम 22 में 22क, 22ख और 22ग जोड़ने का निर्णय लिया है।
नए प्रावधानों के तहत मां-बाप अपने बच्चों को संपत्ति से बेदखल कर सकेंगे,इसके लिए बेदखली की प्रक्रिया भी निर्धारित की गई है।यदि किसी भी वरिष्ठ नागरिक की संतान या उनके अन्य आश्रित रिश्तेदार उनका भरण-पोषण नहीं कर रहे हैं अथवा उनके साथ किसी तरह का दुर्व्यवहार कर रहे हैं,तो पीड़ित बुजुर्ग उन्हें अपनी संपत्ति से बेदखल कर सकेंगे।
बुजुर्गों को इस व्यवस्था का लाभ आसानी से मिल सके,इसके लिए बेदखली की प्रक्रिया को स्पष्ट और समयबद्ध बनाया गया है।साथ ही जल्द ही सरकार एक टोल नंबर भी जारी करेगी,ताकि यदि कोई वरिष्ठ नागरिक स्वयं जाकर शिकायत करने में सक्षम न हो, तो उसे आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
नए प्रावधानों के मुताबिक ऐसे मामलों में जिला मजिस्ट्रेट के पास शिकायत की जा सकेगी और उन्हें इस प्रकार के सभी मामलों की मासिक रिपोर्ट सरकार को देनी होगी।शिकायतों की सुनवाई 30 दिन के अंदर की जाएगी, ताकि बुजुर्गों को न्याय के लिए लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े।योगी सरकार द्वारा किए गए इस बदलाव का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनके अधिकारों की रक्षा करना और उनके साथ होने वाले अत्याचार और दुर्व्यवहार में कमी लाना है।साथ ही यह व्यवस्था परिवार के सदस्यों को अपने वृद्ध माता-पिता की देखभाल और उनके सम्मान के प्रति प्रेरित करेगी।
योगी सरकार ने मेडिकल इंटर्न्स को भी बड़ा तोहफा दिया है। एमबीबीएस-बीडीएस इंटर्नशिप भत्ता दोगुने से ज्यादा बढ़ा दिया गया है।अब एमबीबीएस-बीडीएस इंटर्न को हर माह 25 हजार रुपये भत्ता मिलेगा।कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी है।कैबिनेट बैठक में मेडिकल इंटर्न्स के भत्ते में बढ़ोतरी का फैसला लिया गया है।पहले 12 हजार रुपये इंटर्नशिप भत्ता था,अब इसे बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दिया गया है। राजकीय मेडिकल कॉलेजों,संस्थानों और चिकित्सा विश्वविद्यालयों के इंटर्न को बढ़ा हुआ भत्ता मिलेगा।
2021 में इंटर्नशिप भत्ता 7500 से बढ़ाकर 12 हजार रुपये किया गया था, अब यह 25 हजार रुपये हो गया है।मेडिकल इंटर्न ओपीडी,वार्ड,इमरजेंसी और रात्रि ड्यूटी में अहम भूमिका निभाते हैं।इंटर्नशिप के दौरान एमबीबीएस-बीडीएस इंटर्न मरीजों के उपचार में चिकित्सकीय सहयोग करते हैं। मेडिकल इंटर्न्स को आर्थिक राहत और प्रोत्साहन देने की दिशा में योगी सरकार का यह बड़ा फैसला है।कैबिनेट के फैसले से प्रदेश के सरकारी चिकित्सा संस्थानों में प्रशिक्षण ले रहे मेडिकल इंटर्न लाभान्वित होंगे।
योगी कैबिनेट ने गंगा एक्सप्रेसवे के हरिद्वार तक विस्तार को मंजूरी दी है।गंगा एक्सप्रेसवे का विस्तार बिजनौर से हरिद्वार तक किया जाएगा।इस परियोजना पर लगभग 10,761 करोड़ रुपये की लागत आएगी,इसके विस्तार से बिजनौर और हरिद्वार के बीच आवागमन आसान और तेज होगा।
इस परियोजना से प्रयागराज और हरिद्वार जैसे दो प्रमुख कुंभ नगरों के बीच बेहतर एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी विकसित होगी। विस्तार के बाद दोनों धार्मिक और पर्यटन स्थलों के बीच तेज, सुगम और नियंत्रित यातायात व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। परियोजना से पश्चिमी उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।