काशी में गंगा ने धारण किया रौद्र रूप,डूबा दशाश्वमेध घाट,जल पुलिस चौकी में भरा बाढ़ का पानी
काशी में गंगा ने धारण किया रौद्र रूप,डूबा दशाश्वमेध घाट,जल पुलिस चौकी में भरा बाढ़ का पानी

26 Aug 2026 |   33



 

वाराणसी।देवाधिदेव महादेव की जटाओं में रहने वाली मां गंगा अब महादेव की नगरी काशी में रौद्र रूप धारण कर लिया है।गंगा का जलस्तर बढ़ने से स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही हैं।काशी के मशहूर घाट अब धीरे-धीरे गंगा की तेज धारा में समा रहे हैं।दशाश्वमेध घाट के सीढ़ियों के ऊपर तक पानी पहुंच गया है।जल पुलिस चौकी आधी से ज्यादा पानी में डूब चुकी है।काशी पहुंचे कांवड़िए गंगा स्नान के बाद भक्ति लीन होकर हर-हर महादेव का जयघोष करते हुए दिख रहे हैं।

गंगा का बढ़ता जलस्तर दशाश्वमेध तक ही नहीं अस्सी घाट पर भी जलस्तर तेजी से ऊपर आया है।सुरक्षा के लिहाज से नावों का संचालन बंद हो गया है।आम दिनों में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भीड़ रहती है,अब बढ़ते जलस्तर का असर साफ नजर आ रहा है।बढ़ते जलस्तर का सबसे गंभीर प्रभाव मणिकर्णिका घाट पर देखने को मिल रहा है।

काशी के इस प्राचीन महाश्मशान मणिकर्णिका घाट के सामान्य शवदाह स्थल पानी में डूब चुके हैं।हालात ऐसे बने हैं कि अंतिम संस्कार ऊंची छत हो रहा है।गंगा का लगातार बढ़ते जलस्तर से मणिकर्णिका घाट पर अब सीमित जगह में अंतिम संस्कार हो रहा है।एक समय में लगभग 20 शवों का ही अंतिम संस्कार हो पा रहा है।

बाढ़ के दौरान छत पर जलती चिताओं की तस्वीरें इस संकट को दिखाती हैं।घाटों से आगे बढ़ता पानी अब आसपास की गलियों और निचले इलाकों के लिए भी चिंता बढ़ा रहा है।गंगा का जलस्तर बढ़ने से स्थानीय लोगों के साथ श्रद्धालुओं की मुश्किलें भी बढ़ रही हैं।काशी में गंगा आस्था और जीवन का हिस्सा है,ऐसे में बढ़ते जलस्तर ने घाटों की तस्वीर बदल दी है। दशाश्वमेध की डूबी चौकी से लेकर मणिकर्णिका की छत पर हो रहे अंतिम संस्कार तक की ये तस्वीर काशी में बाढ़ का कहर दिखाती है।

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