चित्रकूट में मंदाकिनी का रौद्र रूप,पुल टूटे,बहीं सड़कें,सभी रास्ते बंद,बाढ़ से बिगड़े हालात
चित्रकूट में मंदाकिनी का रौद्र रूप,पुल टूटे,बहीं सड़कें,सभी रास्ते बंद,बाढ़ से बिगड़े हालात

29 Aug 2026 |   27



 

चित्रकूट।उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के रौद्र रूप से जिले में हालात बेहद चुनौतीपूर्ण हो गए हैं।मंदाकिनी का जलस्तर खतरे के निशान से काफी ऊपर पहुंच गया है।प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर बड़े स्तर पर राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया है।जिले से आनेजाने वाले प्रमुख संपर्क मार्गों पर आवागमन रोक दिया गया है।

रामघाट पर मंदाकिनी नदी का खतरे का निशान 126 मीटर है।मंदाकिनी का जलस्तर 135 मीटर से ऊपर है।जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी और तेज बहाव से नदी किनारे बसे इलाकों में खतरा बढ़ गया है।प्रशासन ने मारकुंडी,मानिकपुर,थाना कर्वी क्षेत्र और नदी किनारे बसे गांवों में अलर्ट जारी कर दिया है।लोगों से अपील की जा रही है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और खतरे वाले इलाकों से तुरंत सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं।

बाढ़ की गंभीर हालत को देखते हुए चित्रकूट से जुड़े प्रमुख संपर्क मार्गों पर तत्काल रोक लगा दी गई है।बांदा,कौशांबी, प्रयागराज,झांसी और फतेहपुर की ओर जाने वाले रास्तों पर वाहनों की आवाजाही को रोक दिया गया है।चित्रकूट पुलिस की टीमें जिले की सीमाओं और प्रमुख बॉर्डर प्वाइंट पर तैनात हैं।जगह-जगह बैरिकेडिंग कर लोगों को आगे जाने से रोका जा रहा है।पुलिस और प्रशासन लोगों से अनावश्यक यात्रा न करने की अपील कर रहा है।

रामघाट और उसके आसपास के इलाकों में बाढ़ का सबसे अधिक असर दिख रहा है।मतगजेंद्रनाथ मंदिर समेत नदी के बीच और आसपास स्थित कई मंदिरों और मकानों में लोगों के फंसे होने की सूचना पर राहत और बचाव टीमें सक्रिय हो गई हैं।तेज बहाव के बीच मोटरबोट और नावों की मदद से लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा रहा है।प्रशासन के सामने चुनौती ये भी है कि अलर्ट के बावजूद कुछ लोग अपने घरों को छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं,ऐसे लोगों को समझाने के साथ जरूरत पड़ने पर रेस्क्यू किया जा रहा है।

प्रशासन का कहना है कि मध्य प्रदेश के कई इलाकों में लगातार हो रही बारिश से मंदाकिनी नदी में पानी का दबाव बना हुआ है,ऐसे में फिलहाल जलस्तर में तत्काल कमी आने की संभावना कम बताई जा रही है।मंदाकिनी का बहाव तेज होने से राहत और बचाव अभियान में भी मुश्किलें आ रही हैं। सभी प्रमुख घाटों पर पुलिस बल और प्रशासनिक टीमें तैनात कर दी गई हैं।नदी के आसपास किसी भी तरह की आवाजाही करने वालों पर नजर रखी जा रही है।खतरे वाले स्थानों पर फंसे लोगों को गोताखोरों और मोटरबोट की मदद से बाहर निकाला जा रहा है।

बाढ़ की भयावह स्थिति को देखते हुए सरकार ने दो हेलीकॉप्टर भेजा है।हेलीकॉप्टर के जरिए रामघाट समेत मंदाकिनी और यमुना के तटवर्ती इलाकों का हवाई सर्वे किया जा रहा है।प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का आकलन कर राहत सामग्री और जरूरी संसाधनों को जरूरतमंदों तक पहुंचाने की योजना बना रहा है।चित्रकूट धाम कमिश्नर और डीआईजी भी रामघाट पहुंचकर हालात का जायजा ले रहे हैं और राहत-बचाव तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं।

बाढ़ का असर यातायात और रेलवे संचालन पर भी पड़ने लगा है।चित्रकूट धाम रेलवे स्टेशन से गुजरने वाली ट्रेनें मंदाकिनी के बढ़े जलस्तर को देखते हुए पुल से बेहद धीमी रफ्तार और सतर्कता से से गुजरी रही हैं।मानिकपुर-सतना रेलवे लाइन पर सुरक्षा के मद्देनजर कई रेलगाड़ियों को काफी देर तक रोककर रखा गया है।रेलवे प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और स्थिति के अनुसार ट्रेनों के संचालन को लेकर फैसला कर रहा है।

प्रशासन के मुताबिक मौजूदा बाढ़ की स्थिति वर्ष 2003 और पिछले वर्ष की बाढ़ से भी अधिक गंभीर बताई जा रही है। मंदाकिनी और यमुना के बढ़ते जलस्तर से जिला प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।राहत और बचाव टीमें अलर्ट मोड पर हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों से बचें,नदी और बाढ़ग्रस्त इलाकों से दूर रहें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रशासन और पुलिस को सूचना दें।

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