लखनऊ।उत्तर प्रदेश में होने वाले पंचायत चुनाव को लेकर तैयारियां तेज हैं। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक दावा तेजी से चर्चा में है,इसमें कहा जा रहा है कि अगर ग्राम प्रधान पद के प्रत्याशी को 100 से कम वोट मिले तो उस पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा और दो साल तक की जेल हो सकती है।दावा सामने आने के बाद पंचायत चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं, लेकिन क्या वास्तव में ऐसा कोई नियम लागू किया गया है।
क्या सच में 100 से कम वोट पर होगी जेल
पड़ताल में इस दावे की पुष्टि करने वाली कोई आधिकारिक अधिसूचना सामने नहीं आती है।उत्तर प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग की मौजूदा वेबसाइट पर पंचायत निर्वाचन 2025-26 से संबंधित सूचनाएं उपलब्ध हैं,लेकिन 100 से कम वोट पाने वाले प्रधान प्रत्याशी के लिए एक लाख रुपये जुर्माने या दो साल की जेल का ऐसा कोई नियम दिखाई नहीं देता।इसी तरह का दावा पहले भी उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव को लेकर वायरल हो चुका है।वर्ष 2020 में फैले एक वायरल संदेश में कहा गया था कि 100 से कम वोट पाने वाले ग्राम प्रधान प्रत्याशी दोबारा चुनाव नहीं लड़ सकेंगे और जमानत राशि से जुड़े नए नियम लागू होंगे,उस समय राज्य निर्वाचन आयोग से संबंधित पड़ताल में ऐसे किसी नए नियम या अधिसूचना की पुष्टि नहीं हुई थी।
फिर 1 लाख रुपये वाली बात कहां से आई
वायरल दावे में एक लाख रुपये जुर्माने की बात कही जा रही है, लेकिन 2026 के पंचायत चुनाव के लिए उपलब्ध जानकारी में ग्राम प्रधान प्रत्याशी के लिए एक लाख रुपये का कोई ऐसा दंड निर्धारित नहीं दिखता है।चुनाव संबंधी मौजूदा जानकारी में ग्राम प्रधान पद के लिए सामान्य वर्ग की नामांकन फीस 600 रुपये और जमानत राशि 3,000 रुपये बताई गई है और आरक्षित वर्ग की दरें इससे कम हैं।ग्राम प्रधान प्रत्याशी के चुनावी खर्च की अधिकतम सीमा 1.25 लाख रुपये निर्धारित बताई गई है। यही 1.25 लाख रुपये की खर्च सीमा संभवतः सोशल मीडिया पर चल रहे अलग-अलग दावों के साथ भ्रम पैदा करने वाली जानकारी में शामिल हो सकती है।हालांकि इसे वायरल दावे की उत्पत्ति मानने के लिए कोई आधिकारिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है।
100 से कम वोट मिलने का क्या है मतलब
किसी प्रत्याशी को चुनाव में कम वोट मिलना अपने आप में कोई आपराधिक कृत्य नहीं है।केवल वोटों की संख्या के आधार पर उसके खिलाफ दो साल की जेल और एक लाख रुपये के जुर्माने की कार्रवाई किए जाने की बात की पुष्टि मौजूदा आधिकारिक चुनावी जानकारी से नहीं होती।चुनाव में प्रत्याशियों की जमानत राशि, नामांकन शुल्क और चुनावी खर्च जैसी अलग-अलग व्यवस्थाएं होती हैं,इन्हें कम वोट मिलने पर जेल या एक लाख रुपये के जुर्माने से जोड़ना सही नहीं होगा।
राज्य निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर क्या है
राज्य निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर इस समय Panchayat Election-2025-26 के तहत पंचायत मतदाता सूची और चुनाव से जुड़े महत्वपूर्ण निर्देश उपलब्ध हैं। 25 अगस्त 2026 को जारी महत्वपूर्ण निर्देशों में एफआरएस सर्वर की सुरक्षा और तकनीकी व्यवस्था से संबंधित विषय भी शामिल हैं, लेकिन 100 से कम वोट मिलने पर प्रधान प्रत्याशी को जेल या एक लाख रुपये के जुर्माने से संबंधित कोई निर्देश वहां नहीं दिखता है।
वायरल दावे में कितना सच
सोशल मीडिया पर चल रहे 100 से कम वोट = 1 लाख रुपये जुर्माना + 2 साल जेल वाले दावे को फिलहाल आधिकारिक नियम मानना सही नहीं है।उपलब्ध आधिकारिक चुनावी जानकारी में इस तरह के दंड का प्रावधान सामने नहीं आया है।पंचायत चुनाव से जुड़े किसी भी नए नियम की पुष्टि के लिए राज्य निर्वाचन आयोग, उत्तर प्रदेश की अधिसूचना और आधिकारिक आदेश को ही आधार बनाना सबसे सुरक्षित तरीका है।सोशल मीडिया पर प्रसारित मैसेज को बिना आधिकारिक स्रोत देखे सच मानना उम्मीदवारों और मतदाताओं दोनों के लिए भ्रम पैदा कर सकता है।