ब्यूरो धीरज कुमार द्विवेदी
लखनऊ।सूबे की राजधानी लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी(केजीएमयू) में महिला डॉक्टरों के साथ हुए यौन शोषण और जबरन धर्मांतरण मामले में पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है।गुरुवार देर रात चौक पुलिस ने मामले के एक और नामजद आरोपी शारिक खान को पीलीभीत के न्योरिया क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।शारिक पर आरोप है कि उसने आरोपी डॉक्टर रमीज मलिक द्वारा महिला डॉक्टर के साथ किए गए कथित निकाहनामे में गवाह के तौर पर हस्ताक्षर किए थे।न्यायालय से गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद पुलिस लगातार इसकी तलाश में जुटी थी।शारिक की गिरफ्तारी से कई राज खुल सकते हैं।
शारिक खान को गिरफ्तार करने के लिए चौक पुलिस की एक टीम पिछले कई दिनों से पीलीभीत और उत्तराखंड के सीमावर्ती इलाकों में डेरा डाल रखा था।पुलिस टीम लगातार उत्तराखंड के खटीमा और पीलीभीत के अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दे रही थी।गुरुवार को सटीक लोकेशन मिलने के आधार पर न्योरिया में छापेमारी की गई और शारिक को गिरफ्तार कर लिया गया।पुलिस अब शारिक को लखनऊ लाकर कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर पूछताछ करने की तैयारी में है।
इस सनसनीखेज मामले का खुलासा तब हुआ जब पश्चिम बंगाल की रहने वाली केजीएमयू के पैथोलॉजी विभाग में तैनात एक महिला डॉक्टर ने 23 दिसंबर को डॉक्टर रमीज मलिक के खिलाफ चौक कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई। महिला डॉक्टर का आरोप था कि रमीज ने पहचान छिपाकर उसका यौन शोषण किया और उसे धर्मांतरण के लिए मजबूर किया।इसके बाद आगरा की एक अन्य महिला डॉक्टर ने भी सामने आकर रमीज पर गंभीर आरोप लगाए। आगरा की पीड़िता ने बताया कि रमीज ने उसका धर्मांतरण कराकर जबरन निकाह किया था। इसी निकाहनामे में पीलीभीत के शारिक खान को गवाह बनाया गया था, जबकि काजी जाहिद ने यह निकाह पढ़ाया था।
डॉक्टर रमीज मलिक मूल रूप से पीलीभीत के न्योरिया कस्बे का रहने वाला है।पुलिस इस मामले में पहले ही रमीज के पिता सलीमुद्दीन और मां खतीजा को 5 जनवरी को गिरफ्तार कर चुकी है।इसके बाद मुख्य आरोपी रमीज मलिक को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।रमीज से हुई पूछताछ के बाद ही निकाह के गवाह शारिक और काजी की संलिप्तता स्पष्ट हुई थी।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक शारिक की गिरफ्तारी इस गिरोह के काम करने के तरीके को समझने में मददगार साबित होगी। पुलिस यह जानने का प्रयास करेगी कि क्या रमीज ने और भी महिलाओं को इसी तरह अपने जाल में फंसाया था और क्या निकाहनामे में गवाह बनने के पीछे कोई संगठित सिंडिकेट काम कर रहा है। शारिक से पूछताछ के बाद इस मामले में फरार चल रहे अन्य संदिग्धों और मददगारों के नाम भी सामने आ सकते हैं।