वाराणसी।बारिश का दौर अब बीतने वाला है।सर्दियों की आहट और अकुलाहट का एक ओर दौर है तो वहीं दूसरी ओर वाराणसी की पहड़िया मंडी में सर्दियों में स्वाद में जायका लाने वाली हर दिल अजीज हरी मटर अब बाजार में आ चुकी है। उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों से सबसे पहले आने वाली हरी मटर अब देहरादून की मंडी के रास्ते वाराणसी की सब्जीमंडी में दस्तक दी है।हालांकि भाव अभी काफी तेवर दिखा रहा है।थोक का भाव ही ऊंचा है तो फुटकर में भाव का अंदाजा सहज लगाया जा सकता है।मटर के शौकीन जो मोलभाव नहीं करते उनके लिए मटर का सीजन शुरू हो गया है।
मीरजापुर और सोनभद्र आदि क्षेत्रों में मटर की बोआई हो चुकी है या होने वाली है।पूर्वांचल में यहीं से मटर पहले बाजार में आती है।जब तक इन क्षेत्रों से मटर आकर बाजार में भाव कम करेंगी तब तक पहाड़ी मटर की बाजार में धाक रहेगी। फिलहाल बाजार में जो मटर उपलब्ध है वह पूरी तरह से पहाड़ों से आपूर्ति हो रही है।पहाड़ों पर मटर की फसल मौसमी वजहों से सबसे पहले तैयार होती है।
देहरादून मंडी उत्तराखंड की सबसे बड़ी मंडी मानी जाती है, उत्तराखंड के अन्य जिलों से किसान अपने उत्पाद पहाड़ों से खच्चर और अन्य साधनों ने नीचे की सड़कों तक पहुंचाते हैं। इसके बाद गाड़ियों में लोड होकर देहरादून की मंडी में मटर अगस्त के मध्य में पहुंचती है।कारोबारी बनारस के कारोबारियों से संपर्क कर सड़क-ट्रेन आदि माध्यमों से मटर को वाराणसी की पहड़िया मंडी में भेजते हैं।
पहड़िया मंडी में इस सीजन की पहली हरी मटर की खेप पहुंचने के बाद अभी फुटकर की बड़ी दुकानों तक ही पहुंच रही है। देहरादून से आई इस मटर की आवक के साथ ही मंडी में हरी मटर की बिक्री शुरू हो गई है।देहरादून के आसपास पहाड़ी क्षेत्रों में हल्की ठंड का लाभ उठाकर छोटे किसान मटर की खेती करते हैं।इन्हीं किसानों की उपज देहरादून मंडी के माध्यम से वाराणसी की पहड़िया मंडी और चन्दूआ सट्टी तक पहुंच रही है।
मटर मंगाने वाले व्यापारी लालबाबू,भोला जायसवाल और दिलीप कुमार ने बताया कि शुरुआती दौर में हरी मटर का थोक भाव 160 से 200 रुपये प्रति किलो चल रहा है। वहीं फुटकर बाजार में इसकी कीमत 240 से 280 रुपये प्रति किलो तक है। फिलहाल मंडी में प्रतिदिन करीब 15 से 20 बोरी मटर मंगाई जा रही है।
व्यापारियों के मुताबिक पहड़िया मंडी से देहरादून की हरी मटर को पूर्वांचल के आसपास के जिलों में भी भेजा जा रहा है। अभी आवक कम होने के कारण कीमत अधिक है। जैसे-जैसे बाजार में हरी मटर की मांग बढ़ेगी और आवक में इजाफा होगा, वैसे-वैसे इसके दाम में गिरावट आने की संभावना है। फुटकर कीमतें शुरुआत में 300 रुपये तक पहुंच गई थीं जो अब 250 के करीब हो रही हैं।
पूर्वांचल की पहड़िया मंडी सबसे बड़ी मंडी मानी जाती है, यहीं से पूर्वांचल के अन्य जिलों में हरी मटर भेजी जानी शुरू हो चुकी है। सप्ताह भर पूर्व के करीब आर्डर अब मंडी में पहुंचना शुरू हो चुका है। कारोबारी फिलहाल अधिक कीमत होने की वजह से कम माल मंगा रहे हैं। जबकि आने वाले माह भर में मटर की कीमतें कम हो जाएंगी तो कारोबार और भी चटख होगा।