नई दिल्ली।भारत के लिए मंगलवार को बड़ी खुशखबरी है।ये बड़ी खुशखबरी विदेश से आई है। पश्चिम एशिया में संकट हो या फिर कच्चे तेल की कीमतों में उबाल या फिर सप्लाई चेन में रुकावट की टेंशन,जहां पूरे विश्व के देशों की इकोनॉमी खतरे में नजर आ रही है,तो वहीं ऐसे समय में भी भारतीय अर्थव्यवस्था तेज रफ्तार से भाग रही है और आगे भी ये विश्व में सबसे तेज इकोनॉमी बनी रहेगी।
चीन हो,अमेरिका हो या फिर रूस और ब्रिटेन भारतीय अर्थव्यवस्था की तेज रफ्तार के आगे कोई टिकने वाला नहीं है।वैश्विक संगठन अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने एक बार फिर भारत पर भरोसा जताया है।आईएमएफ ने आंकड़े देते हुए कहा है कि अमेरिका, चीन, रूस समेत तमाम बड़े देश इंडियन इकोनॉमी की तेज रफ्तार का मुकाबला नहीं कर पाएंगे और 2026 में भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट 7% रहेगी। India GDP Forecast का ये आंकड़ा इससे पहले जताए गए पूर्वानुमान से काफी ज्यादा है।
विश्व में टेंशन,भारत मजबूत
आईएमएफ ने वित्त वर्ष 2027-28 (FY28) के लिए भारत की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान पहले के 6.7% से बढ़ाकर अब 7% कर दिया है।इस आंकड़े में संशोधन करने के साथ ही अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने भरोसा जताते हुए कहा है कि आने वाले दो वित्तीय वर्षों में भी भारत की टक्कर कोई नहीं ले सकता और India GDP Growth Rate इस दौरान मजबूत बनी रह सकती है।
बता दें कि वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की अर्थव्यवस्था 7.8% की तेज रफ्तार से आगे बढ़ी थी और ये तमाम पूर्वानुमानों से भी ज्यादा तेज रही थी,जबकि इससे पहले वित्त वर्ष 2024-25 में ग्रोथ रेट शानदार 7.2% दर्ज की गई थी,ये आंकड़े साफ करते हैं कि लगातार भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार तेज बनी हुई है।अपनी नई वर्ल्ड आउटलुक रिपोर्ट में भारत को लेकर आईएमएफ ने ये अनुमान जारी किया है। इसका शीर्षक तनाव के बीच लचीलापन,तत्काल विकल्प है। इसमें आईएमएफ ने इंडियन इकोनॉमी को विश्व में सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में टॉप पर स्थान दिया है,वो भी ऐसे समय में जबकि वैश्विक अर्थव्यवस्था मध्य पूर्व संघर्ष, एनर्जी प्राइस हाई पर पहुंचने और भविष्य की अनिश्चितता के प्रभाव का सामना कर रही है।
आईएमएफ को भारत पर भरोसा,चीन को झटका
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष भारत के जीडीपी ग्रोथ अनुमान में इस बढ़ा इजाफा करने के पीछे के कारण भी बताया है और इनमें सबसे ऊपर देश में मजबूत घरेलू डिमांड और बेहतर सर्विस एक्टिविटीज की अहम भूमिका का हवाला दिया है। आईएमएफ ने अन्य कई उभरते बाजारों और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के लिए कमजोर दृष्टिकोण पेश किया है। खासतौर पर वैश्विक तेल की ऊंची कीमतों,लंबे समय तक अनिश्चितता और इंफ्रा से जुड़ी चुनौतियों के कारण चीन की विकास दर 2026 में घटकर 4.5% रहने का अनुमान है।
आईएमएफ का दुनिया के लिए ग्रोथ अनुमान 2026
देश IMF GDP ग्रोथ अनुमान (2026)
अमेरिका 2.3%
जर्मनी 1.3%
फ्रांस 0.4%
इटली 0.8%
स्पेन 2.5%
ब्रिटेन 1.3%
जापान 0.7%
कनाडा 1.1%
चीन 4.5%
भारत 7.0%
रूस 0.9%
ब्राजील 2.2%
मेक्सिको 1.5%
सउदी अरब 3.3%
नाइजीरिया 4.2%
साउथ अफ्रीका1.0%
ग्लोबल इकोनॉमी के लिए निगेटिव सिग्नल
जहां एक ओर आईएमएफ ने भारत पर भरोसा जताया है और इंडियन इकोनॉमी की तेज रफ्तार पर अपनी मुहर लगाई है, तो वहीं ग्लोबल इकोनॉमी को लेकर निगेटिव सिग्नल दिए हैं। आईएमएफ का अनुमान है कि 2026 में विश्व उत्पादन में 3.1% की वृद्धि होगी, जो 2025 के 3.5% से कम है, और फिर 2027 में यह बढ़कर 3.4% हो जाएगी।अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष का कहना है कि ये समग्र आंकड़े अर्थव्यवस्थाओं के बीच महत्वपूर्ण अंतरों को छिपाते हैं,क्योंकि विकास तेजी से युद्ध के कारण उत्पन्न आपूर्ति संकट और वैश्विक प्रौद्योगिकी चक्र से जुड़ी मांग से प्रभावित हो रहा है।