गोरखपुर।नेपाल में लगातार हो रही भीषण बारिश का भयानक असर गोरखपुर में साफ दिख रहा है।जिले से गुजरने वाली राप्ती,सरयू और कुआनो नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर चुका है।रोहिन नदी का भी जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और यह खतरे के निशान से महज एक सेंटीमीटर नीचे है।नदियों का रौद्र रूप को देखकर निचले इलाकों में रहने वाले लोगों में दहशत है।कई परिवार अपना सामान समेटकर सुरक्षित ठिकानों की ओर जाने लगे हैं।
खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं राप्ती और कुआनो
जलस्तर बढ़ने से गोला,बांसगांव और चौरीचौरा तहसील क्षेत्र के लगभग 22 गांव पानी की चपेट में आ चुके हैं।बुधवार सुबह राप्ती नदी खतरे के निशान से 19 सेंटीमीटर ऊपर रिकॉर्ड की गई।सरयू नदी अयोध्या और तुर्तीपार में खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रही है,वहीं कुआनो नदी लाल निशान से 1.69 मीटर ऊपर पहुंच गई है।रोहिन नदी का जलस्तर भी जिस रफ्तार से बढ़ रहा है,उससे जल्द ही इसके खतरे के निशान को पार करने की पूरी आशंका है।
राहत कार्य के लिए मंगाई गईं 10 बड़ी नावें और 11 मोटरबोट
बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने प्रयागराज से 10 बड़ी नावें और 11 मोटरबोट तुरंत बुलाई हैं। तेज बहाव को देखते हुए हादसों से बचने के लिए छोटी नावों के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में तुरंत राहत कार्य शुरू करते हुए कम्युनिटी किचन की व्यवस्था की है।गोला तहसील में 40 नावें,सदर तहसील में 5 मोटरबोट और 13 साधारण नावें राहत काम में लगा दी गई हैं।
प्रभावित इलाकों में तैनात की गईं मेडिकल और राजस्व टीमें
बाढ़ पीड़ितों तक खाने के पैकेट और राहत सामग्री पहुंचाने के साथ ही मेडिकल टीमों को प्रभावित गांवों में लगातार गश्त करने के निर्देश दिए गए हैं। राजस्व विभाग की टीमों को हर एक गांव में तैनात कर दिया गया है ताकि स्थिति पर चौबीसों घंटे नज़र रखी जा सके।सभी बाढ़ चौकियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है और प्रशासन जलस्तर में हो रहे बदलाव की लगातार निगरानी कर रहा है। लोगों से अपील की गई है कि वे नदियों के किनारे न जाएं और जलभराव वाले क्षेत्रों में स्नान करने से बचें।