नई दिल्ली।राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रदूषण कम करने के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय बैरियर फ्री टोल प्लाजा जैसे सिस्टम को दिल्ली में भी लागू करने पर काम कर रहा है।दिल्ली में बाहरी राज्यों से आने वाले प्रदूषण फैलाने वाले और प्रतिबंधित वाहनों पर लगाम कसने के लिए केंद्रीय सड़क मंत्रालय 35 बैरियर फ्री गैंट्री लगाने की तैयारी कर रहा है,इसके तहत बाहरी राज्यों से राजधानी दिल्ली में प्रवेश करने वाली ऐसी तमाम तरह की कमर्शियल गाड़ियों को बिना रोके ही उनकी पहचान की जा सकेगी। जो बीएस-6 नहीं हैं और दिल्ली में प्रवेश कर गईं।
ओवरएज गाड़ियों को पकड़ने में होगी आसानी
इसी के साथ 10 साल की उम्र पूरी कर चुकी डीजल गाड़ियां और 15 साल की उम्र पूरी कर चुकी पेट्रोल गाड़ियों की भी धर-पकड़ हो सकेगी। इस सिस्टम के लगने के बाद फिर राजधानी दिल्ली में प्रवेश करने वाली ऐसी गाड़ियां किसी भी सूरत में सरकार की नजर से बच नहीं पाएंगी।
जानें क्या है इस सिस्टम का नाम
सूत्रों ने बताया कि इस सिस्टम पर मंत्रालय की इंडियन हाईवे मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड ने काम भी करना शुरू कर दिया है। इसे वीकल मॉनिटरिंग एनफोरसमेंट एंड कलेक्शन सिस्टम नाम दिया गया है,सके तहत ना केवल वाहनों को बिना रोके ही उनके मेक और पॉल्यूशन फैलाने की जांच की जा सकेगी, बल्कि नियम तोड़ने वाली गाड़ियों के खिलाफ ई-चालान भी काटा जा सकेगा।
पूरे दिल्ली में लगेंगी 35 गैंट्री
सूत्रों का कहना है कि इस सिस्टम को दिल्ली में लागू करने के लिए 35 गैंट्री लगाने पर काम किया जा रहा है। जो गुजरात के चोर्यासी और हाल ही में शुरू हुए दिल्ली के मुंडका-बक्करवाला टोल प्लाजा पर लगे बैरियर फ्री सिस्टम की तरह होंगी।
VAHAN ऐप से होंगे कनेक्ट
शुरूआत में इन्हें पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लगाया जाएगा। कामयाबी मिलने पर इन्हें ना केवल दिल्ली के बॉर्डर इलाकों में बल्कि दिल्ली के अंदर भी विभिन्न स्पॉट पर लगाया जा सकेगा।इनमें उच्च गुणवत्ता के एआई आधारित कैमरे और अन्य सिस्टम लगा होगा,जो की गाड़ियों की नंबर प्लेट और फास्टैग को रीड करेगा। यह सरकार के VAHAN ऐप से भी कनेक्ट होगा।
गाड़ी के मेकर का पता लगाने में मिलेगी मदद
इससे वह गाड़ी के मेक का पता लगाने के साथ ही यह भी पता लगा लेगा कि क्या यह गाड़ी बीएस-6 है या फिर नहीं। सूत्रों के मुताबिक अक्टूबर-नवंबर तक ही इस तरह की 35 गैंट्री लगाने की योजना है। इनका एनवायरमेंट चार्ज लेने के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकेगा।सूत्रों के मुताबिक इस महत्वाकांक्षी योजना का तहत इस सिस्टम का इस्तेमाल आने वाले समय में दिल्ली में प्रवेश करते वक्त एमसीडी द्वारा कमर्शियल गाड़ियों को रोककर वसूले जाने वाले टैक्स कलेक्शन के रूप में भी किया जा सकेगा।
जाम से मिलेगी राहत
दिल्ली के बॉर्डर इलाकों में ट्रैफिक जाम भी नहीं लगेगा और यह गैंट्री गाड़ियों के बिना रोके ही उनके फास्टैग से एमसीडी टैक्स काट लेंगी।इसके अलावा यह सिस्टम अगर चाहें तो दिल्ली पुलिस और एजेंसियों के लिए भी कारगर साबित हो सकेगा,जिसमें अगर किसी रजिस्ट्रेशन नंबर वाली गाड़ी की पुलिस को तलाश होगी तो दिल्ली में प्रवेश करते वक्त उसकी जानकारी मिल सकेगी।