नई दिल्ली।दिल्ली में पारंपरिक जल निकायों को बचाने के लिए जल संचय अभियान की शुरुआत हुई है।उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने शनिवार को दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के जल संचय अभियान की शुरुआत की।दिल्ली के पश्चिम विहार स्थित जिला पार्क में इस अभियान को शुरू किया गया।इसका मकसद दिल्ली के 101 चिन्हित जल निकायों का पुनरुद्धार और संरक्षण करना है ताकि भूजल स्तर सुधरे,पानी की सुरक्षा बढ़े और पर्यावरण का संतुलन बना रहे। यह योजना सिर्फ सौंदर्यीकरण के लिए नहीं सतत विकास के लिए है।पहले चरण में द्वारका,रोहिणी, दक्षिण और नरेला जोन के जलाशयों को शामिल किया गया है, जिसे 30 अगस्त 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
इस अभियान के उद्घाटन समारोह में एलजी तरनजीत सिंह संधू ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि दिल्ली के पारंपरिक जल निकायों के पुनरुद्धार बेहद महत्वपूर्ण है,जिससे शहर में दीर्घकालिक जल सुरक्षा,भूजल को फिर से भरने और पारिस्थितिक संतुलन सुनिश्चित किया जा सके। यह पहल सिर्फ सौंदर्यीकरण का प्रयास नहीं है, बल्कि पारिस्थितिकी बहाली और सतत शहरी विकास की दिशा में एक सुनियोजित प्रयास है।
डीडीए अधिकारियों ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य पर्यावरण स्थिरता और जल सुरक्षा के व्यापक महत्व के तहत दिल्ली के पारंपरिक जल निकायों का जीर्णोद्धार, पुनरुद्धार और संरक्षण करना है।डीडीए अधिकारियों ने बताया कि इससे पहले 77 जल निकायों के कायाकल्प की रूपरेखा तैयार की गई थी,लेकिन बाद में उपराज्यपाल द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव की समीक्षा करने के बाद इन जल निकायों की संख्या में 24 जल निकायों को और जोड़ा गया। इसके बाद इसकी संख्या 101 हो गई। इस पहल के पहले चरण में लगभग 155 हेक्टेयर (383 एकड़) में फैले 101 चिन्हित जल निकायों का पुनरुद्धार किया जाएगा। इनमें द्वारका जोन में 22, दक्षिण जोन में 13, रोहिणी जोन में 17 और नरेला जोन में 6 जल निकाय शामिल हैं। जिसका लक्ष्य 30 अगस्त 2026 तक पूरा करना है। पश्चिम विहार स्थित जिला पार्क में स्थित लगभग 1.47 हेक्टेयर (3.6 एकड़) के जल निकाय को भी इस अभियान के तहत पुनर्जीवित करने का कार्य शुरू किया गया है।
इस अवसर पर शकूर बस्ती के विधायक करनैल सिंह, डीडीए उपाध्यक्ष एन.सरवण कुमार व डीडीए अधिकारी शामिल हुए।