दिल्ली की रेखा सरकार का बड़ा फैसला,जेट फ्यूल पर घटाया वैट,दिल्ली से यात्रा करने वाले यात्रियों को मिलेगा इसका फायदा 
दिल्ली की रेखा सरकार का बड़ा फैसला,जेट फ्यूल पर घटाया वैट,दिल्ली से यात्रा करने वाले यात्रियों को मिलेगा इसका फायदा 

16 May 2026 |   26



 

नई दिल्ली।रेखा गुप्ता सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए एविएशन फ्यूल पर वैट में बड़ी कमी करने की घोषणा की है।रेखा सरकार ने कैबिनेट बैठक के दौरान एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी हवाई ईंधन पर लगने वाले वैल्यू एडेड टैक्स को 25 फीसदी से भारी कटौती करके मात्र 7 फीसदी करने को मंजूरी दे दी है।एटीएफ पर वैट में कुल 18 फीसदी की कमी की गई है।इसका सीधा फायदा दिल्ली से यात्रा करने वाले यात्रियों को मिलेगा।टैक्स में इस बड़ी कमी से हवाई ईंधन की कीमतें घटेंगी,जिससे हवाई सफर पहले से सस्ता और सुगम होने की उम्मीद है।इस कदम से एयरलाइंस और आम यात्रियों दोनों को फायदा होने की उम्मीद है।

बता दें कि रेखा गुप्ता सरकार ने यह कदम ऐसे समय में उठाया है जब अमेरिका और ईरान का टकराव जारी है। इससे वैश्विक स्तर पर फ्यूल को लेकर अनिश्चितता भी बरकरार है।एक दिन पहले ही महाराष्ट्र सरकार ने विमान ईंधन पर मूल्य वर्धित कर 18 फीसदी से घटाकर सात फीसदी कर दिया था। महाराष्ट्र सरकार की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, यह छूट 15 मई से अगले 6 महीने तक लागू रहेगी।

महाराष्ट्र सरकार के एटीएफ पर वैट घटाने के फैसले के बाद केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने केरल,कर्नाटक और तेलंगाना की कांग्रेस सरकारों से विमान ईंधन पर वैट में कटौती करने की अपील की थी। पीयूष गोयल ने इन राज्यों को महाराष्ट्र सरकार का अनुसरण करने की सलाह दी थी। पीयूष गोयल ने एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा था कि मुझे उम्मीद है कि कर्नाटक,केरल और तेलंगाना जैसे राज्य (जहां कांग्रेस की सरकारें हैं) भी एटीएफ पर वैट कम करने पर विचार करेंगे।

केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने एटीएफ पर वैट 18 फीसदी से घटाकर 7 फीसदी करने के लिए महाराष्ट्र सरकार के फैसले की सराहना की थी। पीयूष गोयल ने कहा था कि इस कदम से हवाई माल ढुलाई शुल्क कम होगा, नए बाजारों की तलाश में यात्रा करने वाले निर्यातकों को मदद मिलेगी और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

एविएशन विशेषज्ञों के मुताबिक कई राज्यों में पहले से ही एटीएफ पर कम टैक्स दरें लागू हैं,जिसके चलते एयरलाइन कंपनियां वहां से ईंधन भरवाने को प्राथमिकता देती थीं। ऐसे में दिल्ली सरकार का यह फैसला राजधानी की प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति को मजबूत करेगा। माना जा रहा है कि इससे इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एयर ट्रैफिक और कार्गो गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

More news