दिल्ली में पारा 45 पार,अस्पतालों तक इमरजेंसी में बढ़ी भीड़,हीट स्ट्रेस के ये लक्षण दिखते ही हो जाएं सावधान,वरना ब्रेन-किडनी और दिल को खतरा
दिल्ली में पारा 45 पार,अस्पतालों तक इमरजेंसी में बढ़ी भीड़,हीट स्ट्रेस के ये लक्षण दिखते ही हो जाएं सावधान,वरना ब्रेन-किडनी और दिल को खतरा

20 May 2026 |   24



 

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली इस समय प्रचंड गर्मी की चपेट में है।दिल्ली में पारा 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया है।तेज धूप और गर्म हवाओं से लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है।मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में मध्यम से गंभीर हीटवेव की चेतावनी जारी की है।गर्मी बढ़ने के साथ ही दिल्ली के अस्पतालों में हीट स्ट्रेस से जुड़े मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है।ओपीडी और इमरजेंसी में डिहाइड्रेशन,थकान,चक्कर,कमजोरी और इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन के मरीज लगातार पहुंच रहे हैं।डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि समय पर इलाज न होने पर ब्रेन,किडनी और दिल पर गंभीर असर पड़ सकता है।बुजुर्ग और बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।डॉक्टरों का कहना है कि पिछले कुछ हफ्तों में ऐसे मामलों में तेज बढ़ोतरी हुई है।

अस्पताल में रोजाना 15 से 25 हीट रिलेटेड के आ रहे हैं केस

डॉक्टर अरविंद कुमार अग्रवाल ने बताया कि अस्पताल में रोजाना 15 से 25 हीट रिलेटेड केस आ रहे हैं,इनमें से कुछ मरीजों को गंभीर स्थिति में भर्ती करना पड़ रहा है।अरविंद कुमार ने कहा कि देर से इलाज होने पर ब्रेन,किडनी और दिल पर असर पड़ सकता है।कुछ मरीजों में शरीर का तापमान बहुत अधिक,मानसिक स्थिति में बदलाव और इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन जैसे लक्षण देखे जा रहे हैं,ऐसे मामलों में तुरंत इलाज जरूरी होता है,वरना स्थिति गंभीर हो सकती है।

डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक के मामलों में तेज बढ़ोतरी

डॉक्टर आरएस मिश्रा ने बताया कि सबसे ज्यादा खतरे में 60 साल से अधिक उम्र के बुजुर्ग, 20 से 50 साल के बाहर काम करने वाले लोग और बच्चे हैं।आर‌एस मिश्रा ने कहा कि लगातार धूप और कम पानी पीने से स्थिति और खराब हो रही है।गर्मी के कारण त्वचा से जुड़ी समस्याएं भी बढ़ रही हैं।बच्चों और बाहर काम करने वाले लोगों में हीट रैश,सनबर्न और फोड़े जैसी समस्याएं देखी जा रही हैं।साथ ही डिहाइड्रेशन के कारण गैस्ट्रोएंटेराइटिस के मामले भी बढ़ रहे हैं।

मौसम में अचानक बदलाव,बारिश के बाद तेज गर्मी,शरीर के लिए और ज्यादा नुकसानदायक

डॉक्टरों का कहना है कि मौसम में अचानक बदलाव, जैसे बारिश के बाद तेज गर्मी,शरीर के लिए और ज्यादा नुकसानदायक हो रहा है,इससे शरीर का तापमान संतुलन बिगड़ जाता है और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।डॉक्टर अटुल कक्कड़ ने बताया कि मरीजों में थकान, कमजोरी, बुखार, मतली और पैरों में सूजन जैसे लक्षण सामने आ रहे हैं। बुजुर्ग और पहले से बीमार मरीजों में खतरा ज्यादा है।

गर्मी में बाहर का खाना,दूषित पानी पीने से डिहाइड्रेशन और पेट से जुड़ी बढ़ रही हैं बीमारियां

डॉक्टरों ने बताया कि गर्मी में बाहर का खाना और दूषित पानी पीने से डिहाइड्रेशन और पेट से जुड़ी बीमारियां बढ़ रही हैं, इससे मरीजों की स्थिति और बिगड़ रही है।चिकित्सकों के मुताबिक तेज गर्मी शरीर के थर्मोरेगुलेटरी सिस्टम पर दबाव डालती है,इससे ब्लड प्रेशर,शुगर लेवल में उतार-चढ़ाव होता है और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।

एम्स से लेकर निजी अस्पतालों तक इमरजेंसी में बढ़ी भीड़

डॉक्टर विनिता तनेजा ने बताया कि रोजाना हीट रिलेटेड मरीज ओपीडी में आ रहे हैं।हालांकि ज्यादातर मामले हल्के हैं, लेकिन सावधानी जरूरी है।डॉक्टरों ने लोगों को दोपहर की धूप से बचने,ढीले और हल्के कपड़े पहनने और ज्यादा पानी पीने की सलाह दी है। विनिता तनेजा ने कहा कि ओआरएस, नींबू पानी, सूप और मौसमी जूस का सेवन करें।बुजुर्ग और बच्चों को विशेष सावधानी रखने की जरूरत है।अगर किसी को बेहोशी,उल्टी,भ्रम या पेशाब कम आने जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत अस्पताल जाना चाहिए।देर करने से स्थिति जानलेवा हो सकती है।

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