ईरान में जारी जंग के नियंत्रण से बाहर होने की आशंका,इन 2 खबरों से बढ़ी विश्व की टेंशन
ईरान में जारी जंग के नियंत्रण से बाहर होने की आशंका,इन 2 खबरों से बढ़ी विश्व की टेंशन

24 Jul 2026 |   25



 

नई दिल्ली।ईरान में जारी जंग के नियंत्रण से बाहर होने की आशंका बन गई है।हाल ही में आई 2 खबरों से जंग के गहराने और इसके नए इलाकों में फैलने की आशंका बन गई है।ईरान ने इसी महीने हूती विद्रोहियों की हमला करने की क्षमता को मजबूत करने के लिए IRGC के कमांडरों,ड्रोन और मिसाइल से जुड़े उपकरणों को यमन भेजा है।वहीं दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वो ईरान पर नए हमले करने के आदेश के करीब हैं और ये हमला अब तक का सबसे बड़ा हमला होगा।

हूती विद्रोहियों को लेकर ट्रंप ने कहा कि अगर वो हमला करते हैं तो उनसे निपट लिया जाएगा

हूती विद्रोहियों को लेकर डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अगर वो हमला करते हैं तो उनसे निपट लिया जाएगा।एक्सपर्ट मान रहे हैं कि ईरान हूती विद्रोहियों की मदद से एक और सप्लाई रूट ब्लॉक कर अमेरिका के लिए एक और मोर्चा प्रभावी रूप से खोलना चाहता है. वहीं वो साथ ही मान रहे हैं कि ट्रंप पर अब जंग खत्म करने का दबाव बढ़ रहा है. इस बीच ब्रिटेन और अन्य यूरोपीय देशों को भी ईरान ने अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में सहयोग करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी देकर स्थिति नाजुक बना दी है.

ईरान ने यमन में IRGC कमांडर और सैन्य उपकरण भेजे

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक‌ ईरान ने इस महीने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कमांडरों,सैन्य सलाहकारों और मिसाइल व ड्रोन से जुड़े उपकरणों को यमन भेजा है,इस कदम को लाल सागर में शिपिंग के लिए खतरा पैदा करने की हूती विद्रोहियों की क्षमता को मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

इस मामले से जुड़े चार सूत्र 

इस मामले से जुड़े चार सूत्रों में दो ईरानी सूत्र,यमन के सूचना मंत्री और एक क्षेत्रीय सुरक्षा विश्लेषक शामिल हैं।बताया कि 13 जुलाई को तेहरान से यमन के लिए एक विमान के जरिए IRGC के कर्मियों और सैन्य उपकरणों को भेजा गया,यह जानकारी पहले सार्वजनिक नहीं हुई थी।दो ईरानी सूत्रों के अनुसार माहन एयर की इस उड़ान में 10 से 21 IRGC कर्मी, जिनमें कई वरिष्ठ कमांडर भी शामिल थे, वे सवार थे।

विमान का मूल गंतव्य हूती विद्रोहियों के नियंत्रण वाली राजधानी सना था

रिपोर्ट के मुताबिक विमान का मूल गंतव्य हूती विद्रोहियों के नियंत्रण वाली राजधानी सना था,लेकिन सऊदी समर्थित यमन सरकार के हमले के कारण सना हवाई अड्डा प्रभावित होने पर विमान का रुख बदलकर उसे लाल सागर के बंदरगाह शहर होदेदाह ले जाया गया।एक्सपर्ट्स के मुताबिक IRGC के अधिकारियों की मौजूदगी में साफ है कि क्षेत्र में कोई भी एक्शन ईरान के एक्शन के साथ तालमेल में उठाया जाएगा।

ट्रंप अब तक के सबसे बड़े हमले के लिए तैयार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने Axios को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि वह ईरान पर बड़े पैमाने के हमले पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। ट्रंप ने कहा कि यह कार्रवाई अब तक के सैन्य अभियानों से कहीं बड़ी हो सकती है और इस पर फैसला जल्द लिया जाएगा।ट्रंप ने अमेरिका पूरी तरह तैयार है, हालांकि उन्होंने निर्णय की कोई समयसीमा नहीं बताई।
ट्रंप ने दावा किया कि ईरान बातचीत करना चाहता है,लेकिन अभी किसी समझौते के लिए तैयार नहीं है। ट्रंप ने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो इजरायल भी तुरंत इस अभियान में शामिल हो सकता है,हालांकि इससे ईरान की जवाबी कार्रवाई का खतरा बना रहेगा।

लगातार जारी ईरान पर अमेरिकी हमले

अमेरिकी सेना पिछले करीब दो सप्ताह से ईरान से जुड़े सैन्य ठिकानों पर लगातार हमले कर रही है।अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने लगातार 13वीं रात भी सैन्य कार्रवाई की है।ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने सरकारी मीडिया के हवाले से दावा किया कि उसने जॉर्डन स्थित एक अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हमला किया है।ईरान ने ब्रिटेन पर अमेरिका का सहयोगी बनने का आरोप लगाया है।ब्रिटेन ने अमेरिकी रक्षा अभियानों के लिए अपने सैन्य ठिकानों के उपयोग की अनुमति दी है, जिसके बाद ईरान ने कहा कि जो भी देश किसी भी रूप में अमेरिका की सैन्य कार्रवाई में सहयोग करेगा,उसे उसके परिणाम भुगतने होंगे।ईरान ने यूरोपीय देशों को भी चेतावनी दी कि यदि उन्होंने अमेरिका को अपने सैन्य अड्डे या क्षेत्र का इस्तेमाल करने दिया, तो उन्हें भी आक्रामक पक्ष माना जाएगा। दूसरी ओर ब्रिटेन ने कहा है कि वह अपनी सुरक्षा के लिए 24 घंटे तैयार है।

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