खत्म हुआ सुहागिनों का इंतजार,आसमान में मुस्कुराया चांद,अर्घ्य देकर खोला करवा चौथ का व्रत
लखनऊ से लेकर नोएडा,वाराणसी और गोरखपुर तक अलग-अलग समय में चांद का हुआ दीदार
लखनऊ।सुहागिन महिलाओं का सबसे बड़ा त्योहार करवा चौथ गुरूवार को मनाया गया।पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए महिलाओं ने सुबह से निर्जला व्रत रखा।शाम को करवा माता की पूजा के बाद सुहागिन महिलाओं ने चांद को अर्घ्य दिया और विधि-विधान से पूजा कर पति की लंबी उम्र की कामना की,इसके बाद अपना व्रत खोला।उत्तर प्रदेश के अलग-अलग शहरों में चंद्रोदय के समय में 10 से 15 मिनट का अंतर रहता है।
यूपी के बड़े शहरों में इस समय निकला चांद
लखनऊ: रात 8:06 बजे
कानपुर: रात 8:10 बजे
वाराणसी: रात 8:02 बजे
प्रयागराज: रात 8:06 बजे
गोरखपुर: रात 7:56 बजे
नोएडा / दिल्ली NCR: रात 8:16 बजे
अयोध्या: रात 8:01 बजे
आगरा और मथुरा: रात 8:18 बजे
मेरठ: रात 8:14 बजे
अलीगढ़: रात 8:15 बजे
बरेली: रात 8:08 बजे
मुरादाबाद: रात 8:10 बजे
सहारनपुर: रात 8:11 बजे
मुजफ्फरनगर: रात 8:12 बजे
फिरोजाबाद: रात 8:16 बजे
झांसी: रात 8:20 बजे
जानें क्यों रखा जाता है करवा चौथ का व्रत
बता दें कि कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को करवा चौथ मनायी जाती है।इस दिन सुहागिन महिलाएं सूर्योदय से चंद्रोदय तक बिना अन्न-जल के व्रत रखती हैं।मान्यता है कि वट सावित्री की तरह ये व्रत करने से पति की आयु लंबी होती है और दांपत्य जीवन में चल रही कलह दूर होती है।अखंड सौभाग्य के लिए करवा चौथ से बड़ा कोई व्रत नहीं है।
करवा चौथ व्रत का धार्मिक महत्त्व
ज्योतिषीय और धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक,जिस तरह वट सावित्री व्रत का महत्त्व है,उसी तरह करवा चौथ का व्रत अखंड सौभाग्य प्रदान करता है।पौराणिक कथाओं के मुताबिक इस दिन निर्जला उपवास रखकर चंद्र देव को अर्घ्य देने से दांपत्य जीवन के तमाम कष्ट, कलह और दोष समाप्त होते हैं और पति को दीर्घायु प्राप्त होती है।