नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के उन्नाव दुष्कर्म मामले में सजा काट रहे पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।सुप्रीम कोर्ट ने पीड़ित की पिता की पुलिस हिरासत में हुई मौत से जुड़े मामले में दायर सेंगर की जमानत याचिका पर सुनवाई के लिए 9 फरवरी की तारीख तय की है।बता दें कि यह याचिका ऐसे समय पर आई है जब दिल्ली हाईकोर्ट ने 19 जनवरी को सेंगर को जमानत देने से इनकार कर दिया था।
जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला
पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर ने अपनी जमानत याचिका में कहा है कि उन्हें पीड़ित के पिता की हिरासत में हुई मौत के मामले में गलत तरीके से फंसाया गया है। सेंगर की ओर से दलील दी गई है कि इस मामले में उन्हें जमानत दी जानी चाहिए।सुप्रीम कोर्ट इस याचिका पर 9 फरवरी को सुनवाई करेगा। फिलहाल दुष्कर्म के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा सेंगर को पहले दी गई जमानत पर फिलहाल रोक लगी हुई है।
पीड़िता के पिता की मौत का मामला
पीड़ित के पिता की पुलिस हिरासत में मौत उन्नाव दुष्कर्म मामले के दौरान हुई थी।इस घटना ने मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया था।सेंगर के वकील ने सुप्रीम कोर्ट में दलील देते हुए कहा कि उनके मुवक्किल को इस नए मामले में फंसाया जा रहा है और उन्हें जमानत मिलनी चाहिए। हालांकि दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मामले में सेंगर को जमानत देने से इनकार कर दिया था।
क्या है दुष्कर्म मामले की स्थिति
बता दें कि पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को उन्नाव दुष्कर्म मामले में दोषी ठहराया गया है।सेंगर जेल में सजा काट रहे हैं। इस मामले में सेंगर को दिल्ली हाईकोर्ट से जमानत मिली थी, लेकिन यह जमानत फिलहाल सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोकी गई है। अब पीड़िता के पिता की मौत के मामले में दायर नई याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला महत्वपूर्ण होगा।