जलालाबाद तहसील का नाम अब परशुरामपुरी हुआ,योगी कैबिनेट में फैसला
जलालाबाद तहसील का नाम अब परशुरामपुरी हुआ,योगी कैबिनेट में फैसला

06 Jul 2026 |   45



ब्यूरो धीरज कुमार द्विवेदी 

लखनऊ।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को लखनऊ स्थित 5 कालीदास मार्ग पर कैबिनेट बैठक हुई। कैबिनेट बैठक में बड़ा फैसला लिया गया।शाहजहांपुर जिले की जलालाबाद तहसील का नाम बदलने का निर्णय लिया गया।कैबिनेट ने जलालाबाद तहसील का नया नाम भगवान परशुरामपुरी करने को मंजूरी दे दी है।योगी सरकार के इस फैसले के बाद संबंधित प्रशासनिक प्रक्रियाएं आगे बढ़ाई जाएंगी।

बैठक के बाद आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री सुनील शर्मा ने बताया कि प्रदेश में निवेश,नवाचार और रोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन की स्थापना के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।साथ ही यूपी स्टार्टअप नीति-2026 और डेटा सेंटर नीति-2026 को भी स्वीकृति प्रदान की गई है। 

पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग के मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि कैबिनेट ने मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना को भी मंजूरी दी है।यह योजना प्रदेश के सभी 75 जिलों में लागू होगी।इसके तहत लघु एवं सीमांत किसानों, पशुपालकों और डेयरी संचालकों के पशुओं का बीमा कराया जाएगा,ताकि महामारी,दुर्घटना,अपंगता या मृत्यु की स्थिति में उन्हें आर्थिक सहायता मिल सके।इसके अलावा गोरखपुर और मुरादाबाद में 100-100 बेड का अस्पताल और वाराणसी में ईएसआई का मेडिकल कॉलेज बनेगा। इनके लिए निशुल्क जमीन हस्तांतरण के प्रस्ताव को मंजूरी दी गईं। वाराणसी के मेडिकल कॉलेज में 50% सीटें श्रमिकों के परिवार के लिए आरक्षित होगी।

उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी सरकार ने तीन नए निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना को मंजूरी दी है।इनमें कानपुर के बिल्हौर में महर्षि योगी इंटरनेशनल कृषि विश्वविद्यालय, फतेहपुर में ठाकुर युगराज सिंह विश्वविद्यालय और गाजियाबाद में अजय कुमार गर्ग विश्वविद्यालय शामिल हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की पेंशन बढ़ाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।

कैबिनेट बैठक में मदरसे के लिए प्रस्ताव कैंसिल कर दिया गया है।कैबिनेट ने मदरसा शिक्षकों की ग्रेच्युटी से संबंधित प्रस्ताव को फिलहाल स्थगित कर दिया।यह प्रस्ताव कैबिनेट की बैठक में शामिल 28 प्रस्तावों में क्रम संख्या 15 पर सूचीबद्ध था।कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी।प्रस्ताव पर फिलहाल कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है और इसे स्थगित रखा गया है।

बता दें कि कई पौराणिक ग्रंथों में इस छोटे से कस्‍बे को भगवान परशुराम की जन्‍मभूमि के रूप में वर्णित किया गया है।यही वजह है कि 2022 में सरकार ने इसे परशुराम जन्‍मभूमि के रूप में आधिकारिक घोषणा की थी। बताया जाता है कि इस स्‍थान और मंदिर का इतिहास हजारों साल पुराना है।शाहजहांपुर के इस तहसील का नाम जलालाबाद रखने के पीछे लोग कई तरह के तर्क देते हैं,उनका कहना है कि मुगल बादशाह जलालुद्दीन अकबर के सम्मान में इस कस्‍बे का नाम जलालाबाद रखा गया था।

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