योगी सरकार ने किसानों-पशुपालकों को बजट में दिया बड़ा तोहफा,होगी अब मोटी कमाई,बीज भी मिलेंगे सस्ते
योगी सरकार ने किसानों-पशुपालकों को बजट में दिया बड़ा तोहफा,होगी अब मोटी कमाई,बीज भी मिलेंगे सस्ते

04 Aug 2026 |   34



ब्यूरो धीरज कुमार द्विवेदी 

लखनऊ।उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने अनुपूरक बजट में किसानों और पशुपालकों को बड़ा तोहफा दिया है।योगी सरकार कई योजनाओं के लिए भारी-भरकम राशि की पेशकश की है।सबसे ज्यादा चर्चा नंद बाबा दुग्ध मिशन की है।

बता दें कि इस बजट का फोकस सिर्फ खेती नहीं,बल्कि खेती के साथ पशुपालन से होने वाली कमाई बढ़ाने पर भी दिख रहा है।अगर सरकार की योजनाएं जमीन पर ठीक से लागू होती हैं तो किसानों की लागत कम हो सकती है और दूध बेचने वालों की आमदनी बढ़ने की उम्मीद भी है।

समझिए क्या है नंद बाबा दुग्ध मिशन

उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में किसान खेती के साथ-साथ गाय और भैंस भी पालते हैं,लेकिन कई बार उन्हें दूध का सही दाम नहीं मिल पाता या दूध खरीदने की व्यवस्था मजबूत नहीं होती।नंद बाबा दुग्ध मिशन का मकसद यही है कि गांवों में दूध संग्रह की व्यवस्था मजबूत हो,डेयरी नेटवर्क बढ़े और ज्यादा किसानों को सहकारी दुग्ध समितियों से जोड़ा जाए।बजट में इस मिशन के लिए 150 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा गया है।

क्या होगा फायदा

अगर योजना ठीक से लागू होती है तो गांव में दूध बेचने के ज्यादा केंद्र खुल सकते हैं।किसानों को दूध बेचने के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा,डेयरी नेटवर्क मजबूत होने से दूध की खरीद आसान हो सकती है।पशुपालन करने वाले किसानों की अतिरिक्त कमाई बढ़ने की संभावना है।यानी योगी सरकार का मकसद खेती के साथ डेयरी को भी आय का मजबूत जरिया बनाना है।

पुराने दुग्ध संघों को क्यों किया जा रहा है मजबूत

कई जिलों में दुग्ध संघ वर्षों से काम कर रहे हैं,लेकिन कई जगह उनकी स्थिति कमजोर हो गई है। योगी सरकार ने इन्हें दोबारा मजबूत करने के लिए भी पैसा रखने का प्रस्ताव किया है।अगर ये संस्थाएं बेहतर काम करेंगी तो किसानों से दूध खरीदने की क्षमता भी बढ़ सकती है।

प्रमाणित बीज और किसान कल्याण योजना को बढ़ावा

बजट में प्रमाणित बीजों पर अनुदान योजना के लिए 20 करोड़ रुपये और मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के लिए 2 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि का प्रस्ताव रखा गया है। इसके अलावा प्रयोगात्मक प्रक्षेत्र प्रदर्शन और बीज संवर्धन योजना के लिए 10 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आवश्यकता भी बताई गई है।

किसानों को खाद पर मिलेगी राहत

आज के दौर में खेती में सबसे बड़ी चिंता बढ़ती लागत है।इसी को देखते हुए योगी सरकार ने वर्मी कम्पोस्ट,कम्पोस्ट और जैव उर्वरक रियायती दर पर उपलब्ध कराने के लिए 50 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट का प्रस्ताव रखा है।

क्या है इसका मतलब

किसानों को कम कीमत पर जैविक खाद मिल सकती है,रासायनिक खाद पर निर्भरता कुछ हद तक कम हो सकती है।खेती की लागत घटाने में मदद मिल सकती है।

बीज पर भी मिलेगी मदद

योगी सरकार ने प्रमाणित बीजों पर अनुदान के लिए भी अतिरिक्त राशि का प्रस्ताव रखा है।इसका मतलब है कि किसानों को अच्छी गुणवत्ता वाले बीज कम कीमत पर उपलब्ध कराने की कोशिश की जाएगी,जिससे फसल बेहतर होने की संभावना बढ़ सकती है।

बता दें कि इस अनुपूरक बजट में योगी सरकार ने खेती और डेयरी को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाने का संकेत दिया है।एक तरफ किसानों को बीज और जैव उर्वरक जैसी जरूरी चीजों में मदद देने की बात है,तो वहीं दूसरी ओर दूध उत्पादन और डेयरी नेटवर्क को मजबूत करने के लिए नंद बाबा दुग्ध मिशन पर सबसे ज्यादा फोकस दिख रहा है।

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