कौशांबी।उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में झाड़-फूंक के बहाने धर्म परिवर्तन कराने के आरोप का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर कोखराज पुलिस ने चार मौलवियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मामला शहजातपुर इलाके के सलारहाथन बाबा की मजार से जुड़ा है।शिकायतकर्ता चंदन कुमार का आरोप है कि मजार पर समस्या का समाधान कराने के नाम पर पहले झाड़-फूंक की गई और बाद में धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया।
पीड़ित चंदन कुमार ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि करीब दो महीने पहले वह अपनी व्यक्तिगत समस्या को लेकर सलारहाथन बाबा की मजार पहुंचा था। वहां मौजूद एक मौलवी ने उससे 500 रुपये लेकर झाड़-फूंक की और उसे पानी की एक बोतल दी।
चंदन कुमार का आरोप है कि 9 जुलाई को जब वह दोबारा मजार पहुंचा तो वहां मौजूद चार मौलवियों ने उसकी समस्या दूर करने के नाम पर 5 हजार रुपये की मांग की,इसके साथ ही उस पर इस्लाम धर्म अपनाने,कलमा पढ़ने और उर्दू सीखने का दबाव बनाया गया।इसके बाद उसने पुलिस से शिकायत की और कार्रवाई की मांग की।शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
मामला सामने आने के बाद गुरुवार को बजरंग दल के लगभग 20 से 30 कार्यकर्ता मजार पहुंच गए।कार्यकर्ताओं ने धर्मांतरण का आरोप लगाते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
आरोप है कि इस दौरान मजार में तोड़फोड़ की गई और वहां मौजूद मौलवियों के साथ मारपीट भी हुई।घटना की सूचना मिलते ही सीओ सिराथू सत्येंद्र तिवारी,राजस्व विभाग की टीम और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और हालात पर काबू पाया।स्थिति सामान्य होने के बाद पुलिस ने चार मौलवियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की,हालांकि प्रारंभिक पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया था।इसके बाद पीड़ित की लिखित शिकायत मिलने पर विधिक कार्रवाई आगे बढ़ाई गई।
कोखराज पुलिस ने पीड़ित चंदन कुमार की तहरीर के आधार पर चार अज्ञात मौलवियों के खिलाफ धर्मांतरण से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।पुलिस अब पूरे मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों के समर्थन में क्या साक्ष्य उपलब्ध हैं।जांच के दौरान संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है और अन्य तथ्यों को भी खंगाला जा रहा है।
एसपी सत्यनारायण प्रजापत ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।पूरे मामले की जांच की जा रही है।जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।