तिलहन खेती को बढ़ावा देने और फसल अवशेष प्रबंधन पर किसानों को किया जागरूक
तिलहन खेती को बढ़ावा देने और फसल अवशेष प्रबंधन पर किसानों को किया जागरूक

24 Sep 2026 |   26



तिलहन खेती को बढ़ावा देने और फसल अवशेष प्रबंधन पर किसानों को किया जागरूक

कृषि विज्ञान केंद्र अवागढ़ में जनपद स्तरीय तिलहन किसान मेला एवं कृषक गोष्ठी आयोजित

ब्यूरो तुर्रम सिंह 

एटा।कृषि विज्ञान केंद्र अवागढ़ में बुधवार को जनपद स्तरीय तिलहन किसान मेला और इन-सीटू कृषक गोष्ठी खरीफ का आयोजन किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि गजेन्द्र पाल सिंह धनगर ने फीता काटकर किया। उन्होंने विभिन्न विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण करने के साथ दीप प्रज्ज्वलित कर मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण किया। इसके बाद राजा स्वर्गीय बलवंत सिंह की प्रतिमा पर भी माल्यार्पण किया गया।

मुख्य अतिथि गजेन्द्र पाल सिंह धनगर ने किसानों से शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाने के लिए जागरूक रहने का आह्वान किया। इस दौरान 10 किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए गए।

कृषि विभाग के एसएमएस जैवेश कुमार ने तिलहन फसलों को बढ़ावा देने,पराली और फसल अवशेष प्रबंधन,किसान सम्मान निधि और फार्मर रजिस्ट्री की जानकारी दी। अवर अभियंता राघवेन्द्र सिंह ने पीएम कुसुम योजना और भूमि संरक्षण विभाग के उमेश यादव ने खेत तालाब योजना के संबंध में किसानों को जानकारी दी।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे मुख्य विकास अधिकारी राजेन्द्र प्रसाद मिश्र का उप कृषि निदेशक एवं जिला कृषि अधिकारी ने शाल और बुके भेंट कर स्वागत किया। मृदा परीक्षण प्रयोगशाला के अध्यक्ष आशुतोष कुमार ने मृदा स्वास्थ्य एवं मिट्टी की जांच के महत्व पर प्रकाश डाला। कृषि विज्ञान केंद्र अवागढ़ के प्रभारी डॉ. दिनेश मिश्रा ने मिट्टी में जीवांश कार्बन की कमी, उसके महत्व और डीकंपोजर के प्रयोग की जानकारी दी।

जिला कृषि अधिकारी डॉ. मनवीर सिंह ने विभागीय योजनाओं की जानकारी देते हुए उर्वरकों के संतुलित प्रयोग पर जोर दिया। उन्होंने किसानों से फसल की आवश्यकता के अनुसार ही उर्वरक खरीदने और अनावश्यक भंडारण से बचने की अपील की। उप कृषि निदेशक सुमित पटेल ने समन्वित खेती, विविध कृषि प्रणाली और कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने कस्टम हायरिंग सेंटर एवं फार्म मशीनरी बैंक के माध्यम से कृषि यंत्रों का लाभ लेने के लिए किसानों को प्रेरित किया।

मुख्य विकास अधिकारी राजेन्द्र प्रसाद मिश्र ने किसानों से कृषि मेलों एवं गोष्ठियों में अधिकाधिक सहभागिता करने का आह्वान किया। उन्होंने फसल चक्र अपनाने, तिलहन की खेती को बढ़ावा देने और रासायनिक उर्वरकों व दवाओं का कम से कम प्रयोग कर कंपोस्ट एवं गोबर की खाद के अधिकाधिक उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने पराली प्रबंधन और निर्धारित दंड के प्रावधानों के प्रति भी किसानों को जागरूक किया। इस दौरान पांच किसानों को तोरिया मिनीकिट एवं मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए गए।

कार्यक्रम का संचालन बीटीएम अरुण कुमार ने किया। अंत में एसएमएस अमरेश कुमार शर्मा ने उपस्थित किसानों एवं अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम के समापन की घोषणा की।

More news