रातभर मिट्टी की लूट,दिन में खुलेआम खनन का खेल,जलेसर में अवैध खनन माफिया बेलगाम,वायरल वीडियो के बाद जागा प्रशासन,एसडीएम पर उठे गंभीर सवाल
रातभर मिट्टी की लूट,दिन में खुलेआम खनन का खेल,जलेसर में अवैध खनन माफिया बेलगाम,वायरल वीडियो के बाद जागा प्रशासन,एसडीएम पर उठे गंभीर सवाल

21 May 2026 |   24



ब्यूरो तुर्रम सिंह 

जलेसर,एटा। उत्तर प्रदेश के एटा जिले के जलेसर क्षेत्र में अवैध खनन का काला कारोबार अब इस हद तक बेलगाम हो चुका है कि मिट्टी माफिया दिन-रात खुलेआम सरकारी नियमों और प्रशासनिक आदेशों को ठेंगा दिखाते नजर आ रहे हैं। जलेसर क्षेत्र के गांव बछेपुरा सहित जैनपुरा,नगला घनश्याम, रेजुआ,नगला झड़ू,नगला गोपाल,महानमई,मोद्दीनपुर,नगला मितन,कोसमा,शकरौली,गदेसरा और आसपास के इलाकों में पूरी रात ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और रीपर मशीनों से मिट्टी का अवैध खनन चलता रहा,जबकि जिम्मेदार अधिकारी कथित रूप से निष्क्रिय बने रहे।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि रातभर अधिकारियों को फोन कर लोकेशन और जानकारी दी गई,लेकिन उपजिलाधिकारी पीयूष रावत ने कथित रूप से कोई कॉल रिसीव नहीं किया। मामला सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद गरमाया तब जाकर प्रशासन हरकत में आया और तहसीलदार संदीप सिंह ने एक रीपर मशीन ट्रैक्टर और मिट्टी से भरी एक ट्रॉली पकड़कर जलेसर कोतवाली में खड़ी करा दी।क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि यह कार्रवाई सिर्फ दिखावटी और खानापूर्ति भर है,क्योंकि असली खेल अब भी जारी है।

ग्रामीणों के मुताबिक गांव कासिमपुर में सरकारी स्कूल के पास आज अभी भी दिन के उजाले में सुबह 8 बजे दर्जनों ट्रैक्टर-ट्रॉलियां और रीपर मशीनें खुलेआम मिट्टी ढोती देखी गईं। ग्रामीणों का कहना है कि जब दिनदहाड़े सरकारी स्कूल के आसपास अवैध खनन हो रहा है, तब प्रशासन की चुप्पी और निष्क्रियता कई गंभीर सवाल खड़े करती है।क्षेत्र में यह चर्चा तेज है कि यदि प्रशासन वास्तव में सख्त होता तो खनन माफिया इस तरह खुलेआम सड़कों पर नहीं दौड़ते। 

ग्रामीणों का आरोप है कि छोटे वाहनों को पकड़कर फोटो खिंचवाना और प्रेस नोट जारी करना केवल जनता की आंखों में धूल झोंकने जैसा है, जबकि बड़े माफिया अब भी बेखौफ सक्रिय हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि पूरे खनन नेटवर्क की निष्पक्ष जांच हो,अवैध कारोबार में शामिल बड़े सरगनाओं और कथित संरक्षण देने वाले अधिकारियों की भूमिका उजागर की जाए तथा जलेसर क्षेत्र में चल रहे इस खुले खेल पर स्थायी रोक लगाई जाए।

अब क्षेत्र में एक ही सवाल गूंज रहा है कि जब दिन में आज और अभी भी मिट्टी की लूट जारी है,तो प्रशासन आखिर किस बात की कार्रवाई का ढोल पीट रहा है।

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