लोगों के पैसों पर बुलडोजर,करोड़ों की नई सड़क को जल निगम ने खोदकर किया बरबाद,लोगों का फूटा गुस्सा
एक साल पहले बनी चमचमाती सड़क को पाइपलाइन के नाम पर उधेड़ा,मौत की खाई में बदला जलेसर-फिरोजाबाद मार्ग
ब्यूरो तुर्रम सिंह
एटा/जलेसर। लोगों के टैक्स के करोड़ों रुपये से बनी नई सड़क को सरकारी लापरवाही और विभागीय अराजकता ने बरबादी के मुहाने पर पहुंचा दिया है।शकरौली क्षेत्र में जलेसर-फिरोजाबाद जनपदीय मार्ग पर जल निगम द्वारा पाइपलाइन डालने के नाम पर नई डामर सड़क के किनारे गहरी खुदाई कर दी गई है।स्थिति इतनी भयावह हो चुकी है कि सड़क का किनारा जगह-जगह धंसने लगा है और पूरा मार्ग दुर्घटना का केंद्र बनता जा रहा है।
सबसे शर्मनाक तथ्य यह है कि यह सड़क मात्र एक वर्ष पूर्व ही तैयार हुई थी। लंबे समय तक टूटी सड़क,धूल,कीचड़ और हादसों से जूझने के बाद जब क्षेत्रीय लोगों को राहत मिली, तभी जल निगम की मशीनों ने उसी सड़क को बेरहमी से काटना शुरू कर दिया। नई सड़क के किनारे खोदी गई गहरी खाई ने करोड़ों रुपये की लागत से बने मार्ग की मजबूती पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिना किसी समुचित योजना और समन्वय के सड़क के किनारे खुदाई कर दी गई,जिससे डामर सड़क टूट रही है और कभी भी बड़ा हिस्सा धंस सकता है। भारी वाहन गुजरते समय सड़क कांपती महसूस हो रही है। मोटरसाइकिल सवार और छोटे वाहन चालकों के लिए मार्ग जानलेवा बन चुका है।
ग्रामीणों और राहगीरों ने प्रशासन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि आखिर यह कैसा विकास है,जहां एक विभाग सड़क बनाता है और दूसरा विभाग उसे खोद डालता है। करोड़ों रुपये पहले सड़क निर्माण में खर्च किए गए और अब दोबारा मरम्मत के नाम पर सरकारी धन बहाया जाएगा। ग्रामीणों का सवाल है कि इस सरकारी लूट और विभागीय मूर्खता का जिम्मेदार कौन है।
क्षेत्रीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई, तो बड़ा जनआंदोलन खड़ा किया जाएगा। लोगों का कहना है कि अब जनता चुप बैठने वाली नहीं है और सड़क बरबाद करने वालों को जवाब देना ही होगा।
यह मामला केवल शकरौली तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे प्रदेश में विकास कार्यों के नाम पर चल रही विभागीय अव्यवस्था और भ्रष्ट कार्यशैली की पोल खोल रहा है। एक तरफ सड़क निर्माण के नाम पर करोड़ों खर्च किए जाते हैं, दूसरी तरफ उन्हीं सड़कों को कुछ महीनों में खोदकर बरबाद कर दिया जाता है। आखिर लोगों के पैसे की इस खुली बर्बादी पर लगाम कब लगेगी।