जलेसर का 770वां उर्स मेला:वायरल वीडियो की सच्चाई आई सामने,मारपीट का आरोप निराधार
जलेसर का 770वां उर्स मेला:वायरल वीडियो की सच्चाई आई सामने,मारपीट का आरोप निराधार

23 Feb 2026 |   42



जलेसर का 770वां उर्स मेला:वायरल वीडियो की सच्चाई आई सामने,मारपीट का आरोप निराधार

कुछ समाचार पत्रों में प्रकाशित खबर पर उठे सवाल,दरगाह कमेटी ने ब्लैकमेल का लगाया आरोप,ग्राउंड रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

ब्यूरो तुर्रम सिंह 

 

 एटा।उत्तर प्रदेश के एटा जिले के जलेसर कस्बे में स्थित हजरत सय्यद शहीद इब्राहिम शाह रहमतुल्लाह अलैह की दरगाह पर इन दिनों 770वां ऐतिहासिक उर्स मेला आस्था, श्रद्धा और आपसी भाईचारे के साथ आयोजित हो रहा है। सदियों पुराना यह धार्मिक आयोजन गंगा-जमुनी तहजीब का प्रतीक माना जाता है,जहां हिंदू-मुस्लिम समुदाय के हजारों श्रद्धालु दूर-दराज से पहुंचकर चादरपोशी,कव्वाली और इबादत में हिस्सा लेते हैं।इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने से मेले को लेकर विवाद खड़ा हो गया। वीडियो के साथ यह दावा किया गया कि दरगाह कमेटी के अध्यक्ष और सचिव ने एक दंपति के साथ मारपीट की और महिला के साथ अभद्र व्यवहार कर उन्हें मेले से बाहर निकाल दिया।इस मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई और मेले की व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न खड़े किए जाने लगे।
हालांकि जब प्रतिनिधि ने मौके पर पहुंचकर स्थानीय दुकानदारों,प्रत्यक्षदर्शियों और दरगाह कमेटी के पदाधिकारियों से बातचीत की तो तस्वीर कुछ और ही सामने आई।

  दुकानदारों ने बताया घटनाक्रम

मेले में दुकान लगाए एक स्थानीय व्यापारी हारून ने बताया कि 17 फरवरी को एक युवक और महिला उनकी दुकान पर आए और एक सामान की कीमत पूछी।कीमत 50 रुपये बताने पर दोनों ने आपत्ति जताई और कथित रूप से अभद्र भाषा का प्रयोग किया।हारून के अनुसार उन्होंने केवल इतना कहा कि यदि कहीं सस्ता मिल रहा हो तो वहां से खरीद लें।विवाद बढ़ने पर कमेटी को सूचना दी गई, जिसके बाद दोनों को शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए मेले से बाहर जाने के लिए कहा गया।हारून ने स्पष्ट किया कि उनकी उपस्थिति में किसी प्रकार की मारपीट नहीं हुई और न ही किसी पदाधिकारी द्वारा हाथापाई की गई।

   कमेटी का पक्ष

दरगाह कमेटी के पदाधिकारियों ने भी मारपीट के आरोपों को सिरे से खारिज किया है।उनका कहना है कि केवल व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से दोनों व्यक्तियों को बाहर किया गया था।कमेटी का आरोप है कि एक स्थानीय पत्रकार द्वारा विज्ञापन न दिए जाने की नाराजगी में यह समाचार प्रकाशित कराया गया।कमेटी का दावा है कि उनके पास कथित संदेशों के स्क्रीनशॉट उपलब्ध हैं और उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है।

   सद्भाव का प्रतीक है उर्स

उल्लेखनीय है कि जलेसर का यह उर्स मेला क्षेत्र की सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक रहा है।कव्वाली कार्यक्रमों,धार्मिक अनुष्ठानों और सामाजिक सहभागिता के बीच यह आयोजन शांतिपूर्वक संचालित हो रहा है।

 प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग

कमेटी और स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से अपील की है कि मामले की वस्तुनिष्ठ जांच कर सच्चाई सार्वजनिक की जाए, ताकि धार्मिक आयोजन की गरिमा अक्षुण्ण रहे और अफवाहों पर विराम लग सके।ग्राउंड रिपोर्ट के आधार पर स्पष्ट होता है कि वायरल वीडियो में लगाए गए गंभीर आरोपों की पुष्टि नहीं हो सकी है।फिलहाल मेला पूर्ववत शांति और उत्साह के साथ जारी है, जबकि स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

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