प्राइवेट विद्यालयों में मनमानी फीस वसूली,जबरन यूनिफॉर्म किताबें विद्यालय से खरीदने को किया जा रहा मजबूर 
प्राइवेट विद्यालयों में मनमानी फीस वसूली,जबरन यूनिफॉर्म किताबें विद्यालय से खरीदने को किया जा रहा मजबूर 

03 Apr 2026 |   15



योगेन्द्र प्रताप सिंह 

जलेसर/एटा।उत्तर प्रदेश के एटा जिले के जलेसर क्षेत्र में प्राइवेट विद्यालय और कॉलेजों पर चाहे वह मेडिकल लाइन से हो।कॉलेजों और विद्यालय में अधिकांश देखा गया है सभी विद्यालय के संचालकों द्वारा विद्यार्थी और अभिभावक को मजबूर किया जाता है।विद्यालय और कॉलेजों से किताबों को खरीदना विद्यालय से यूनिफॉर्म खरीदना विद्यालय से और अन्य प्रकार की वस्तुओं खरीदने के लिए मजबूर किया जाता है।प्राइवेट विद्यालय के संचालकों की मनमानी के आगे अभिभावक पूरी तरह से बेबस लाचार हो जाते हैं। यही नहीं विद्यालय संचालक के अपने सेटिंग गेटिंग के चलते किताबों की दुकान और यूनिफॉर्म की दुकान भी स्थित कर रखी है। विद्यार्थी और अभिभावकों को मजबूर किया जाता है, कि दुकान से यूनिफॉर्म और किताबें खरीदें और वह किताबें सिर्फ उन्हीं दुकान पर मिलती है और अन्य बाहर की दुकानों पर वह किताबें नहीं मिलती है,जिससे विद्यार्थी के साथ-साथ अभिभावक की पूरी तरह से बेबस लाचार हो जाता है और यही नहीं विद्यालय में तरह-तरह फंक्शन के नाम पर मनमानी तरीके से पैसे कमाने के तरीका भी अपनाए जाते हैं। 

फीस के नाम पर भी विद्यालय संचालकों द्वारा पूरी तरह से मनमानी की जाती है।कहीं विद्यार्थी लेट विद्यालय पहुंचा तो लेट फीस तो कहीं विद्यार्थी अप्सेंट हुआ तो अटेंडेंस के नाम से मनमानी तरीके से फीस आदि तरह से विद्यार्थियों से पैसे ठगने का कार्य प्राइवेट निजी विद्यालयों में किया रहा है। जिससे अभिभावक पूरी तरह से टूट जाता है और अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के लिए मजबूर हो जाता है,क्योंकि सरकारी विद्यालयों में पढ़ाई के नाम पर खिलवाड़ होता है।

जिस तरह से प्राइवेट विद्यालय में हो रही मनमानी को लेकर जिला अधिकारी ने विद्यालयों पर शिकंजा कैसा है। अभिभावक से मनमानी फीस की वसूली और जबरन यूनिफॉर्म किताबें विद्यालय से खरीदने के सिस्टम पर सख्त रोक लगा दी है, ठीक उसी तरह से प्राइवेट विद्यालयों के संचालको,प्रबंधको पर मनमानी तरीके से फीस लेने पर और यूनिफॉर्म किताबों को विद्यालय से खरीदने पर सख्त रोक लगाई जाए।

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