ब्यूरो तुर्रम सिंह
एटा। उत्तर प्रदेश के एटा जिले की अलीगंज तहसील शनिवार को उस समय उबाल पर आ गई,जब संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान अधिवक्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा।आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए आयोजित जनसुनवाई देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन में तब्दील हो गई।आक्रोशित वकीलों ने उपजिलाधिकारी जगमोहन गुप्ता के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए उनका पुतला दहन कर दिया,जिससे पूरा तहसील परिसर एसडीएम मुर्दाबाद के नारों से गूंज उठा।
जनसुनवाई बनी जनआक्रोश का मंच
हर महीने के पहले शनिवार को आयोजित होने वाला संपूर्ण समाधान दिवस इस बार समाधान नहीं,बल्कि सवालों का केंद्र बन गया।अधिवक्ताओं ने तहसील प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बिना सुविधा शुल्क के कोई कार्य नहीं हो रहा है। उनका आरोप था कि प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और एसडीएम स्थिति को संभालने में असफल साबित हो रहे हैं।
पुतला दहन से बढ़ा तनाव,पुलिस ने संभाली स्थिति
विरोध उस समय चरम पर पहुंच गया जब अधिवक्ताओं ने एसडीएम का पुतला जलाया।मौके पर पहुंचे अलीगंज प्रभारी निरीक्षक राजकुमार ने तत्परता दिखाते हुए आग बुझाई, लेकिन इससे प्रदर्शनकारियों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। माहौल देर तक तनावपूर्ण बना रहा।
एडीएम को सौंपा ज्ञापन, एसडीएम रहे मौन
प्रदर्शन के बीच अधिवक्ताओं ने मौके पर पहुंचे अपर जिलाधिकारी (एडीएम) प्रशासन सत्य प्रकाश सिंह को ज्ञापन सौंपा और एसडीएम के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उल्लेखनीय है कि पूरे घटनाक्रम के दौरान एसडीएम जगमोहन गुप्ता मौके पर मौजूद रहे,लेकिन उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी,जिससे अधिवक्ताओं में और नाराजगी देखने को मिली।
पहले भी उठ चुकी है विरोध की चिंगारी
यह पहला मौका नहीं है जब अलीगंज तहसील में इस तरह का विरोध देखने को मिला हो। इससे पहले भी अधिवक्ता कई बार धरना-प्रदर्शन कर चुके हैं, जो प्रशासन और अधिवक्ताओं के बीच बढ़ती खाई का संकेत देता है।
व्यवस्था पर उठे सवाल, कार्रवाई पर टिकी नजरें
अलीगंज तहसील की यह घटना प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े करती है। जब न्याय व्यवस्था से जुड़े लोग ही सड़कों पर उतरने को मजबूर हो जाएं, तो यह व्यवस्था की गहरी खामियों को उजागर करता है। अब सबकी निगाहें उच्च अधिकारियों पर टिकी हैं कि वे इस मामले में महज औपचारिकता निभाते हैं या कोई ठोस और प्रभावी कार्रवाई करते हैं।