अमरोहा। उत्तर प्रदेश के अमरोहा में एतिहासिक तिगरी गंगा मेला की तैयारियों में प्रशासन जुटा है।हर विभाग कामों के टेंडर निकालने की प्रक्रिया में लगा है,लेकिन पैटून पुल के निर्माण के लिए अभी तक शासन स्तर पर मंजूरी नहीं मिल पाई है,जिससे गढ़मुक्तेश्वर और तिगरी गंगा मेला के संगम पर अमसंजस के बादल मंडरा रहे हैं।अगर मंजूरी नहीं मिली तो इस साल दोनों मेलों का संगम नहीं हो पाएगा।
हर साल की तरह इस बार भी कार्तिक पूर्णिमा पर तिगरी में गंगा मेला का आयोजन होगा।पिछले साल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तिगरी और गंगा मेला को जोड़ने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए थे,जिस पर डीएम अमरोहा और हापुड़ डीएम ने बीते दिनों तिगरी मेला स्थल का जायजा लिया था। दोनों मेलों को पैटून पुल से जोड़ने के लिए जगह भी चिन्हित की थी।इसके बाद प्रशासन ने पैटून पुल निर्माण के लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा था,लेकिन अभी तक शासन ने उसको मंजूरी नहीं दी है। जिससे दोनों मेलों को जोड़ने की संभावना कम जताई जा रही हैं।हालांकि अभी प्रशासन इंतजार कर रहा है।मेले में टेंट सिटी का निर्माण किया जाएगा। इसमें लोगों को किराए पर तंबू उपलब्ध करवाए जाएंगे। गंगा मेला को साफ सुथरा रखने के साथ-साथ ग्रीन फील्ड भी बनाया जाएगा। इसके लिए मेला में छह हजार से अधिक पौधे लगाए जाएंगे।
एतिहासिक तिगरी मेला को लेकर प्रत्येक विभाग अपनी तैयारी में जुट गया है। पंचायती राज विभाग ने भी मेला स्थल पर अस्थायी शौचालयों के निर्माण कराने की तैयारियां प्रारंभ कर दी है। डीपीआरओ नितिन कुमार ने बताया कि मेला में 4948 अस्थायी शौचालयों का निर्माण कराया जाएगा जबकि, 200 सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी।
हर साल तिगरी मेला में लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं।हजारों अस्थायी शौचालय बनाए जाते हैं,लेकिन इस बार पंचायती राज विभाग ने अस्थायी शौचालय के मल को वाहनों के जरिए चुचैला कलां गांव में फीगल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट में भेजा जाएगा और उसका निस्तारण का कार्य किया जाएगा।अभी इस पर विचार किया जा रहा है।उच्चाधिकारियों से विचार-विमर्श के बाद अगला कदम उठाया जाएगा।