ब्यूरो तुर्रम सिंह
एटा।भारत की जनगणना-2027 के द्वितीय चरण की तैयारियों को लेकर सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी एम. अरुन्मोली की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में कार्मिकों की नियुक्ति, प्रशिक्षण,पर्यवेक्षण और जनगणना कार्य के सफल संचालन की तैयारियों की समीक्षा की गई।
डीएम एम. अरुन्मोली ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में पूरी पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित की जाए।कोई भी क्षेत्र,परिवार अथवा मकान गणना से छूटने न पाए। डीएम ने कहा कि जनगणना से प्राप्त आंकड़े देश की सामाजिक,आर्थिक,शैक्षिक एवं विकास संबंधी योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण आधार होते हैं, इसलिए सभी अधिकारी और कर्मचारी अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करें।
डीएम एम. अरुन्मोली ने जनगणना कर्मियों के प्रशिक्षण को प्रभावी बनाने पर जोर देते हुए कहा कि उन्हें प्रत्येक बिंदु और कार्यप्रणाली की व्यावहारिक जानकारी दी जाए। फील्ड में आने वाली संभावित परिस्थितियों से भी कार्मिकों को अवगत कराया जाए। साथ ही जनगणना के महत्व को लेकर सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश दिए, ताकि आमजन जनगणना कर्मियों को आवश्यक सहयोग देते हुए सही जानकारी उपलब्ध कराएं।
बैठक में बताया गया कि जनगणना-2027 के द्वितीय चरण के तहत स्वगणना 16 से 30 नवंबर 2026, जनसंख्या गणना 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तथा रिवीजनल राउंड 5 से 9 जनवरी 2027 तक निर्धारित किया गया है। डीएम एम. अरुन्मोली ने निर्देश दिए कि सभी तैयारियां निर्धारित समय-सारिणी के अनुरूप समय से पूरी कर ली जाएं तथा नियुक्ति, प्रशिक्षण, पर्यवेक्षण और फील्ड विजिट में किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो।
डीएम एम. अरुन्मोली ने यह भी निर्देशित किया कि प्रथम चरण में जिन प्रगणकों और संबंधित कार्मिकों ने जिस ब्लॉक अथवा क्षेत्र में कार्य किया है, संभव हो तो द्वितीय चरण में भी उन्हें उसी क्षेत्र में जिम्मेदारी दी जाए, ताकि उनके पूर्व अनुभव और स्थानीय परिस्थितियों की जानकारी का लाभ मिल सके।
जिला जनगणना अधिकारी ने बताया कि जनपद में 68 फील्ड ट्रेनर चयनित किए गए हैं। इनके माध्यम से प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। फील्ड ट्रेनरों के दो बैचों का प्रशिक्षण 7 से 9 अक्टूबर तथा 14 से 16 अक्टूबर 2026 तक कलेक्ट्रेट सभागार में प्रस्तावित है। इसके बाद प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों का तहसील स्तर पर अक्टूबर-नवंबर में प्रशिक्षण कराया जाएगा।
बैठक में यह भी बताया गया कि जनगणना के दौरान 40 से अधिक बिंदुओं पर आवश्यक जानकारी संकलित की जानी है। जिलाधिकारी ने प्रत्येक बिंदु पर कार्मिकों को गहन प्रशिक्षण देने तथा प्रशिक्षण के दौरान किसी भी प्रकार की अस्पष्टता न रहने देने के निर्देश दिए।
इसके अलावा प्रथम चरण में बनाए गए 850 से अधिक जनसंख्या वाले एचएलबी के विभाजन और चार्ज स्तर पर उनके सत्यापन की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि चार्ज अधिकारियों द्वारा एचएलबी की जनसंख्या एवं मानचित्र के आधार पर सत्यापन कर उन्हें अंतिम रूप दिया जा रहा है।
डीएम एम. अरुन्मोली ने कहा कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी की भूमिका अहम है। सभी अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार तैयारियां पूरी करें, ताकि जनगणना में शत-प्रतिशत कवरेज के साथ पारदर्शिता और आंकड़ों की सटीकता सुनिश्चित की जा सके।
बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व एवं जिला जनगणना अधिकारी चंद्र प्रकाश पाठक, मुख्य विकास अधिकारी राजेन्द्र प्रसाद मिश्र, समस्त उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, खंड विकास अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी, अधिशासी अधिकारी नगरीय निकाय, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, मास्टर ट्रेनर, तकनीकी सहायक समेत संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।