MCMC की पूर्व मंजूरी के बिना चुनावी बल्क SMS प्रसारित न करें
MCMC की पूर्व मंजूरी के बिना चुनावी बल्क SMS प्रसारित न करें

30 Sep 2026 |   29



MCMC की पूर्व मंजूरी के बिना चुनावी बल्क SMS प्रसारित न करें

मोबाइल सेवा प्रदाताओं को उप जिला निर्वाचन अधिकारी की सख्त हिदायत, उल्लंघन पर कार्रवाई की चेतावनी

ब्यूरो तुर्रम सिंह 

एटा। उत्तर प्रदेश विधान परिषद के 5 खंड स्नातक एवं 6 खंड शिक्षक निर्वाचन-2026 की घोषणा के साथ ही आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो गई है। निर्वाचन के दौरान राजनीतिक विज्ञापनों,बल्क एसएमएस और मल्टीमीडिया संदेशों के प्रसारण की निगरानी के लिए जनपद स्तर पर मीडिया सर्टिफिकेशन एंड मॉनिटरिंग कमेटी (MCMC) गठित की गई है।

उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) अजय नारायण सिंह ने जिले के सभी मोबाइल सेवा प्रदाताओं को निर्देश दिए हैं कि निर्वाचन प्रचार अथवा उससे संबंधित किसी भी प्रकार के बल्क एसएमएस, मैसेज एवं मल्टीमीडिया संदेशों का प्रसारण MCMC के पूर्व सत्यापन एवं प्रमाणन के बिना न किया जाए।

अवध नारायण सिंह ने बताया कि चुनावी विज्ञापन अथवा संदेश प्रसारित कराने वाले व्यक्ति या संस्था का पूरा विवरण मोबाइल सेवा प्रदाता द्वारा निर्धारित प्रारूप में उपलब्ध कराया जाना आवश्यक होगा। इसमें संबंधित व्यक्ति या संस्था का नाम, पता, पहचान पत्र सहित अन्य आवश्यक विवरण शामिल होंगे। इसके साथ ही प्रति संदेश की दर तथा प्रसारण के लिए उपलब्ध कराए गए संदेश की सीडी भी सत्यापन के लिए MCMC के समक्ष प्रस्तुत करनी होगी। MCMC द्वारा संदेश का सत्यापन एवं प्रमाणन किए जाने के बाद ही संबंधित मोबाइल सेवा प्रदाता अपने नेटवर्क के माध्यम से उसका प्रसारण कर सकेगा। प्रशासन का उद्देश्य निर्वाचन अवधि में प्रसारित होने वाले राजनीतिक विज्ञापनों एवं संदेशों की निगरानी सुनिश्चित करना तथा आदर्श आचार संहिता का प्रभावी अनुपालन कराना है।

उप जिला निर्वाचन अधिकारी अवध नारायण सिंह ने स्पष्ट किया कि निर्वाचन संबंधी निर्देशों एवं लागू प्रावधानों का उल्लंघन करने पर नियमानुसार छह माह तक का कारावास अथवा 2,000 रुपए तक का जुर्माना अथवा दोनों का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त संबंधित मोबाइल सेवा प्रदाता के लाइसेंस के संबंध में भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

अवध नारायण सिंह ने सभी मोबाइल सेवा प्रदाताओं से निर्वाचन अवधि में आदर्श आचार संहिता तथा भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि निर्वाचन प्रक्रिया स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न कराई जा सके।

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