जिरसमी की छात्रा ओम भारती ने एक दिन के लिए संभाला एसडीएम (न्यायिक) का पद
न्यायालय की कार्यप्रणाली समझी,राजस्व मामलों की सुनवाई की प्रक्रिया का लिया व्यावहारिक अनुभव
ब्यूरो तुर्रम सिंह
एटा। मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रशासनिक और न्यायिक व्यवस्था से परिचित कराने और बालिकाओं में आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता विकसित करने के उद्देश्य से एक प्रेरणादायक पहल की गई।इसके तहत जिरसमी पंडित दीनदयाल उपाध्याय मॉडल इंटर कॉलेज की मेधावी छात्रा कु. ओम भारती को एक दिन के लिए उप जिलाधिकारी (न्यायिक)के पद पर सांकेतिक रूप से कार्य करने का अवसर दिया गया।
नगला मदी रारपट्टी निवासी हंसराज सिंह की बेटी ओम भारती ने पदभार ग्रहण करने के बाद तहसील सदर स्थित न्यायालय कक्ष में बैठकर न्यायिक कार्यप्रणाली को करीब से समझा। उन्होंने राजस्व मामलों से संबंधित पत्रावलियों का अवलोकन किया तथा सीमांकन (पैमाइश), दाखिल-खारिज और राजस्व वादों की सुनवाई की प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त की।
इस दौरान वास्तविक उप जिलाधिकारी (न्यायिक) अनवर राशिद फारूकी ने छात्रा को उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता के प्रावधानों, मुकदमों की सुनवाई की प्रक्रिया और न्यायालय में बार और बेंच के बीच समन्वय की भूमिका के बारे में विस्तार से बताया। अधिकारियों के मार्गदर्शन में छात्रा को न्यायिक व्यवस्था की जिम्मेदारियों और कार्यप्रणाली को समझने का अवसर मिला।
इस अनुभव पर छात्रा ओम भारती ने कहा कि प्रतिष्ठित पद पर बैठकर उन्हें न्याय दिलाने की प्रक्रिया में निहित जिम्मेदारियों को समझने का अवसर मिला। इस अनुभव ने देश और समाज की सेवा करने के उनके संकल्प को और मजबूत किया है। उन्होंने इस अवसर के लिए जिला प्रशासन और अपने विद्यालय के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर उप जिलाधिकारी (न्यायिक) अनवर राशिद फारूकी, पेशकार सुनील कुलश्रेष्ठ, तहसील सदर की बार एसोसिएशन के पदाधिकारी, विद्यालय के शिक्षकगण तथा छात्रा के पिता हंसराज सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।