खनन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल,जलेसर में अवैध खनन बदस्तूर जारी
फरीदपुर और नगला बबूल में अवैध खनन को लेकर उठे सवाल,लगातार खबरें प्रकाशित होने के बावजूद कार्रवाई न होने का दावा
ब्यूरो तुर्रम सिंह
जलेसर/एटा। उत्तर प्रदेश के एटा जिले की जलेसर तहसील के फरीदपुर और नगला बबूल क्षेत्र में कथित रूप से लगातार अवैध खनन किए जाने का मामला सामने आया है।कई दिनों से समाचार प्रकाशित होने के बावजूद कार्रवाई न होने के आरोपों ने खनन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।स्थानीय प्रशासन की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।यदि संबंधित क्षेत्रों में अवैध खनन हो रहा है,तो इसकी रोकथाम के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं, यह स्पष्ट किया जाना जरूरी है।
दो अलग-अलग टीमों पर अवैध खनन में संलिप्तता के आरोप
स्थानीय स्तर पर लगाए जा रहे आरोपों के मुताबिक जलेसर तहसील में दो अलग-अलग टीमें कथित रूप से अवैध खनन गतिविधियों में सक्रिय हैं।पहली टीम के हाथरस जिले से जुड़े होने का दावा किया जा रहा है।आरोप है कि यह टीम फरीदपुर के पास खनन कर रही है,जिसमें जलेसर क्षेत्र के एक बुजुर्ग नेता और दो स्थानीय लोगों के सहयोग की बात भी कही जा रही है।वहीं दूसरी टीम जलेसर-आगरा मार्ग पर स्थित एक गांव से जुड़े कथित खनन कारोबारी की बताई जा रही है।आरोप है कि यह टीम नगला बबूल क्षेत्र में अवैध खनन कर रही है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
खनन अधिकारी की भूमिका पर उठे सवाल
इस मामले में खनन अधिकारी एजाज खान की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। सवाल यह है कि यदि विभाग को संबंधित क्षेत्रों में अवैध खनन की जानकारी है, तो अब तक निरीक्षण,जांच और कार्रवाई की स्थिति क्या है,क्या विभाग ने इन स्थानों का स्थलीय निरीक्षण कराया है,यदि कार्रवाई की गई है, तो उसका विवरण सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया।लगातार शिकायतों और खबरों के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के आरोपों से कथित खनन गतिविधियों में शामिल लोगों के हौसले बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में खनन विभाग और स्थानीय प्रशासन को अपनी कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
जीरो टॉलरेंस नीति पर भी सवाल
योगी सरकार अवैध खनन और भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति पर जोर देती रही है।ऐसे में जलेसर तहसील में अवैध खनन के आरोपों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने की शिकायतें प्रशासनिक जवाबदेही पर सवाल खड़े करती हैं। यदि आरोप सही हैं, तो जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए और यदि आरोप गलत हैं, तो जांच के माध्यम से स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।फिलहाल फरीदपुर और नगला बबूल में कथित अवैध खनन को लेकर खनन विभाग की कार्रवाई, संबंधित पक्षों का स्पष्टीकरण और प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।