टोल दो,फ्री में तैराकी करो,बाढ़ में डूबा गंगा-एक्सप्रेसवे का हिस्सा,लोगों ने लिए मजे
टोल दो,फ्री में तैराकी करो,बाढ़ में डूबा गंगा-एक्सप्रेसवे का हिस्सा,लोगों ने लिए मजे

03 Sep 2026 |   26



 

उन्नाव।उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले से गंगा एक्सप्रेसवे को लेकर एक हैरान करने वाली और व्यवस्था की पोल खोलने वाली तस्वीर सामने आई है।प्रयागराज से मेरठ जाने वाले गंगा एक्सप्रेसवे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।लगातार बारिश से इसका एक हिस्सा और टोल-बूथ पानी में डूबे हुए नजर आ रहे हैं।सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो का लोग खूब मजे ले रहे हैं।लोग मजे-मजे में कह रहे हैं कि टोल टैक्स देने के बाद इस झील में तैराकी कर सकते हैं। टोल-बूथ के अंदर और एक्सप्रेसवे पर पानी भरने के बाद यह हिस्सा किसी झील या स्विमिंग पूल जैसा दिख रहा है। हालांकि पानी निकालने की युद्ध स्तर पर काम चल रहा है।बाढ़ का पानी एक्सप्रेसवे पर जमा होने पर कंपनी के अधिकारियों ने सफाई जारी की है।

सोशल मीडिया पर वायर वीडियो में देखा जा सकता...

सोशल मीडिया पर वायर वीडियो में देखा जा सकता है कि एक्सप्रेसवे की ओर जाने वाले रैंप पर बारिश का पानी लगभग दो फीट तक जमा हो गया,इससे आने-जाने वाली गाड़ियों को गुजरने में काफी परेशानी हो रही थी।बगल की सर्विस रोड भी पानी में डूब गई थी,जिससे यात्रियों को और भी दिक्कत हो रही थी।एक्सप्रेसवे पर बना टोल प्लाजा भी बाढ़ की पानी में जलमग्न हो गया है।

पानी में सबकुछ डूबा

गंगा एक्सप्रेसवे पर पानी आने से टोल की लेन,बैरिकेड्स और साइन बोर्ड पानी में आधे डूबे हुए नजर आ रहे हैं।घुटनों तक पानी भरा हुआ।ये इस बदहाली की पोल खोलता नजर आ रहा है।वीडियो को देखकर लोग तंज भी कस रहे हैं।

लोगों ने ये बोला,अधिकारियों ने दी सफाई

सोशल मीडिया पर यूजर खूब मजे ले रहे हैं।एक यूजर ने लिखा मतलब इसमें गाड़ी ही नहीं शिप भी चला सकते हैं।एक अन्य यूजर ने लिखा,कितने की टिकट है।एक यूजर ने लिखा कि गंगा एक्सप्रेसवे अब स्विमिंग पूल बन चुका है,टोल टैक्स दो और मुफ्त में तैराकी का आनंद लो।हालांकि‌ गंगा एक्सप्रेसवे को बनाने वाली कंपनी के अधिकारियों ने इस रास्ते पर मौजूद हाइटेंशन वायर की वजह से इसकी ऊंचाई न बढ़ाए जाने को लेकर सफाई दी है।वहीं बाढ़ के पानी को तेजी से निकाला जा रहा है।

लोगों में आक्रोश,टोल वसूलने पर उठे सवाल

लाखों-करोड़ों रुपये की लागत से तैयार होने वाले एक्सप्रेसवे पर जब इस तरह की तस्वीरें सामने आती हैं तो विकास के दावों पर प्रश्नचिह्न लगना लाजिमी है।लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब सफर के लिए भारी-भरकम टोल टैक्स वसूला जाता है, तो फिर बारिश के शुरुआती दौर में ही सड़कें पानी में क्यों डूब जाती हैं,क्या निर्माण के समय इंजीनियरों ने ड्रेनेज सिस्टम पर ध्यान नहीं दिया था।

जल निकासी के दावों की खुली पोल

प्रयागराज से मेरठ जाने वाला हाई-प्रोफाइल गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण के दौरान पानी निकासी के दावों की इस घटना ने पोल खोलकर रख दी है।वीडियो में दिखाई दे रहा है कि पानी को बाहर निकालने के लिए कुछ जनरेटर और ट्रैक्टरों की मदद ली जा रही है,लेकिन पानी का स्तर इतना ज्यादा है कि स्थिति पर काबू पाना मुश्किल हो रहा है।जानकारों और वाहन चालकों का कहना है कि एक्सप्रेसवे बनाने वाली निर्माण कंपनियों ने पानी निकासी के पुख्ता इंतजाम करने में भारी लापरवाही बरती है,जिसका खामियाजा अब लोगों को भुगतना पड़ रहा है।

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