प्रतापगढ़।उत्तर प्रदेश के बड़के जिले प्रतापगढ़ की कुंडा विधानसभा में कुंवर रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भइया का जलवा 1993 से बरकरार है।राजा भइया ने कुंडा से लगातार सात बार जीत का परचम लहराया है।अपनी लोकप्रियता,अद्भुत करिश्मे,जातीय समीकरण और मजबूत जन समर्थन से राजा भइया के जीत का लगातार परचम लहरा रहा है।बरहाल 2022 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी गुलशन यादव ने काफी ताकत दिखाई,जिससे राजा भइया के वोटों का अंतर कम हो गया है। 2027 के विधानसभा चुनाव में राजा भइया और गुलशन यादव में कड़ी टक्कर हो सकती है।राजा भइया के दोनों बेटे भी राजनीति में सक्रिय हुए हैं।राजा भइया के दोनों बेटे कुंडा विधानसभा सीट पर प्रभाव डाल सकते हैं।स्थानीय गठबंधन और प्रत्याशियों के चयन के आधार पर चुनाव परिणाम प्रभावित हो सकता है।
1993 से 2022 तक राजा भइया का चला एकक्षत्र राज
1993 से लेकर 2022 तक राजा भइया का एकक्षत्र राज चला।राजा भइया निर्दलीय या अपनी पार्टी से लगातार सात बार जीत दर्ज की है,लेकिन 2024 लोकसभा चुनाव में थोड़ी कहानी बदली गई।राजा भइया के प्रभाव से आसपास की सियासत प्रभावित हुई।खासकर कौशांबी और प्रतापगढ़ में। राजा भइया पहले समाजवादी पार्टी और मुलायम सिंह यादव के सहयोगी रहे,लेकिन हमेशा निर्दलीय ही जीत दर्ज की। 1993 से लेकर 2022 तक कुंडा में राजा भइया ही छाए रहे।राजा भइया अपने अद्भुत करिश्मे से हमेशा लाख-डेढ़ लाख वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी,लेकिन 2022 में समाजवादी पार्टी ने राजा भइया के खिलाफ उनके पूर्व करीबी गुलशन यादव को कुंडा से उतारा नतीजा,जीत का अंतर घटकर लगभग 30315 वोट रह गया।राजा भइया ने 99,612 वोट (50.58 फीसदी) से जीत दर्ज की,जबकि गुलशन यादव को 69,297 वोट मिले।राजा भइया की लगातार सातवीं जीत थी,लेकिन मार्जिन में बड़ी कमी आई।ऐसे में 2022 के विधानसभा चुनाव ने राजा भइया के लिए खतरे की घंटी बजा दी है।अब राजा भइया राष्ट्रवाद की ओर बढ़ते हुए नजर आ रहे हैं और भाजपा के भी नजदीक आ रहे हैं।सपा मुखिया अखिलेश यादव से राजा भइया की अदावत पुरानी है।अखिलेश ने एक बार कुंडा में कहा था कि कुंडा में कुंडी लगा देंगे,तब राजा भइया ने जवाब दिया था कि कुंडा में कुंडी लगाने वाला कोई माई का लाल पैदा नहीं हुआ।
2027 की तैयारी,क्या होगा कुंडा का भविष्य
अब 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी जोरों पर है।राजा भइया और गुलशन यादव की तरफ से लगातार जीत के दावे किए जा रहे हैं।राजा भइया के समर्थक कहते हैं कि राजा भइया के नेतृत्व में मजबूती से लड़ेंगे।वहीं राजा भइया के दोनों बेटे बृजराज और शिवराज भी अब खुलकर राजनीति में सक्रिय हो चुके हैं।परिवार पूरी ताकत से मैदान में है।दूसरी तरफ सपा का दावा है कि गुलशन यादव ने 2022 में अंतर 1 लाख से घटाकर 30 हजार किया,अगली बार यह अंतर खत्म हो जाएगा और सपा कुंडा पर कब्जा करेगी।अखिलेश यादव के नेतृत्व में सपा सरकार बनेगी।कुंडा पर सपा कब्जा करेगी या राजा भइया का जलवा बरकरार रहेगा ये 2027 के विधानसभा चुनाव के परिणाम से पता चलेगा।